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Sunjay Kapur estate row: एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, संजय कपूर के विदेशी बैंक अकाउंट फ्रीज

Sunjay Kapur Assets Row: दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों को अंतरिम राहत देते हुए उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर को दिवंगत कारोबारी संजय कपूर की संपत्तियों से किसी भी तरह का लेन-देन करने से रोक लगा दिया है। अदालत ने कहा कि कि संपत्ति को सुरक्षित रखा जाना चाहिए, न कि उसे नष्ट किया जाना चाहिए

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 30, 2026 पर 4:17 PM
Sunjay Kapur estate row: एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों को दिल्ली हाई कोर्ट से बड़ी राहत, संजय कपूर के विदेशी बैंक अकाउंट फ्रीज
Sunjay Kapur Assets Row: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिवंगत कारोबारी और करिश्मा कपूर के पूर्व पति संजय कपूर के खाते फ्रीज कर दिए हैं

Sunjay Kapur Assets Row: बॉलीवुड एक्ट्रेस करिश्मा कपूर के बच्चों के लिए एक बड़ी राहत खबर आई है। दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार (30 अप्रैल) को दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर से जुड़े विदेशी बैंक खातों को फ्रीज करने का आदेश दिया। साथ ही उनकी संपत्ति को लेकर अंतरिम सुरक्षा भी प्रदान की। हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि संजय कपूर की संपत्तियों को सुरक्षित रखा जाए। संजय कपूर का पिछले साल जून में लंदन में निधन हो गया था। वे अपने पीछे करीब 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति छोड़ गए थे।

यह आदेश उनकी तीसरी पत्नी प्रिया सचदेवा कपूर और उनकी दूसरी शादी से हुए बच्चों कियान और समायरा के बीच चल रहे विवाद के बीच दिया गया है। संजय कपूर की दूसरी शादी एक्ट्रेस करिश्मा कपूर से हुई थी। कियान और समायरा ने आरोप लगाया है कि प्रिया कपूर ने संजय कपूर के नाम पर एक वसीयत जाली तरीके से तैयार की और उनकी संपत्तियों के बारे में अधूरी जानकारी दी।

हाई कोर्ट ने क्रिप्टोकरेंसी होल्डिंग्स के संचालन पर भी रोक लगा दी और निर्देश दिया कि कपूर की 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को सुरक्षित रखा जाए। कपूर का निधन पिछले साल जून में लंदन में हुआ था। संजय कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चे समायरा और कियान विरासत को लेकर एक कानूनी लड़ाई में उलझे हुए हैं। यह कानूनी लड़ाई मुख्य रूप से संजय की तीसरी पत्नी प्रिया कपूर के साथ है।

इसका विषय संजय (जो पहले सोना कॉमस्टार के चेयरमैन थे) की निजी संपत्तियां हैं। बच्चे इन संपत्तियों में अपना हिस्सा 'क्लास-1' या सीधे वारिसों के तौर पर मांग रहे हैं। बच्चे चल और अचल संपत्तियों में से, हर एक के लिए पांचवें हिस्से (1/5) का दावा कर रहे हैं। बच्चों की तरफ से दायर याचिका में यह मांग की गई थी कि जब तक इस मुकदमे का अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक संपत्तियों में किसी भी तीसरे पक्ष का अधिकार न बनाया जाए।

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