11 साल की बच्ची के साथ हुई घटना पर आए एक फैसले ने देशभर में सवाल खड़े कर दिए थे। अब सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा है- ऐसे मामलों को सिर्फ कानूनी तकनीकी शब्दों से नहीं, बल्कि संवेदनशील नजरिए से भी देखना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि पायजामा का नाड़ा खोलना, “रेप या रेप की कोशिश” नहीं मानी जाएंगी।
