पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल लगातार गर्माता जा रहा है। नंदीग्राम से एक बार फिर सियासी टकराव की तस्वीर सामने आई है। शनिवार (27 दिसंबर) की सुबह राज्य के विपक्षी नेता और भाजपा विधायक शुवेंदु अधिकारी नंदीग्राम पुलिस स्टेशन पहुंचे और पुलिस को कड़ी चेतावनी दी। दअरसल, यह पूरा मामला एक BJP कार्यकर्ता की गिरफ्तारी से जुड़ा है, जिसे TMC के प्रचार फ्लेक्स को नुकसान पहुंचाने के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार (25 दिसंबर) को नंदीग्राम ब्लॉक नंबर-1 के वेकुटिया गांव में TMC की ओर से एक प्रचार झांकी लगाई गई थी। एक ऑटो रिक्शा पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की योजना 'उन्नयनेर पांचाली' का प्रचार करने वाला फ्लेक्स लगाया गया था। TMC का आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने जानबूझकर उस फ्लेक्स को फाड़ दिया और झांकी में तोड़फोड़ की।
इस घटना के बाद TMC कार्यकर्ताओं ने नंदीग्राम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के महज 24 घंटे के भीतर पुलिस ने वेकुटिया मंडल अध्यक्ष के भाई को गिरफ्तार कर लिया। इसी गिरफ्तारी के विरोध में शुवेंदु अधिकारी सीधे नंदीग्राम पुलिस स्टेशन पहुंच गए। पुलिस स्टेशन में शुवेंदु अधिकारी ने कहा, "आपको अपने कर्मों का फल भुगतना पड़ेगा। यह गिरफ्तारी पूरी तरह से झूठे आरोपों पर की गई है।" उन्होंने दावा किया कि जिस ऑटो रिक्शा पर फ्लेक्स लगा था, वह पानी में गिर गया था, जिससे फ्लेक्स अपने आप फट गया। भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि इस घटना को राजनीतिक रंग देकर भाजपा कार्यकर्ता को फंसाया जा रहा है।
शुवेंदु अधिकारी ने यह भी सवाल उठाया कि पुलिस ने सफेद कपड़ों में भाजपा कार्यकर्ता को उसके घर से क्यों उठाया। उन्होंने कहा कि यह पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता है और चुनाव से पहले विपक्ष को डराने की कोशिश है।
वहीं, इस मुद्दे पर TMC ने शुवेंदु अधिकारी के आरोपों को खारिज कर दिया है। TMC के जिला अध्यक्ष सुजीत रॉय ने कहा, "भाजपा कार्यकर्ता तोड़फोड़ करेंगे और पुलिस कुछ नहीं करे, यह कैसे हो सकता है? कानून सबके लिए समान है।" इसके साथ ही उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि जब भवानीपुर में तृणमूल कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई थी, तब कोई तृणमूल नेता थाने नहीं गया।
सुजीत रॉय ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल में अशांति फैलाने की कोशिश कर रही है और चुनाव से पहले माहौल खराब करना चाहती है।पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव जैसे - जैसे नजदीक आ रहे हैं, वैसे-वैसे राजनीतिक टकराव और तेज होता जा रहा है।