Tamil Nadu Chunav: दक्षिण के बड़े किले में इस बार सेंध लगने वाली है। 23 अप्रैल को तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों से ठीक पहले वोटवाइब के वोट ट्रैकर ओपिनियन पोल ने एक बार फिर साबित कर दिया कि राज्य में सत्ता की लड़ाई बेहद करीबी होने वाली है। सीएनएन-न्यूज18 पर जारी किए गए ओपिनियन पोल के मुताबिक, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और कांग्रेस गठबंधन सत्ता से बाहर हो सकता है, जबकि अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (AIDMK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) गठबंधन को बढ़त मिलता दिख रहा है।
DMK को लग सकता है बड़ा झटका
मुख्यमंत्री पद की पसंद में एमके स्टालिन (39.0%) और एडप्पाडी के पलानीस्वामी (38.7%) के बीच बेहद कांटे की टक्कर है, जबकि थलापति विजय भी 14.3% समर्थन के साथ प्रभाव दिखा रहे हैं। वोट शेयर में AIADMK+ को 41.4% और DMK+ को 39.3% मिलने का अनुमान है। सीटों के लिहाज से AIADMK+ को 130–140 सीटें और DMK+ को 90–100 सीटें मिल सकती हैं।
तमिलनाडु में कांटे की लड़ाई
सर्वे में मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर भी दिलचस्प तस्वीर सामने आई है। पहली पसंद के तौर पर एमके स्टालिन सबसे आगे हैं। उनके बाद दूसरे नंबर पर एडप्पाडी क पलनीस्वामी और तीसरे नंबर विजय का नाम आता है। ओपिनियन पोल में मुख्यमंत्री की पसंद के सवाल पर एमके स्टालिन 39.8 फीसदी के साथ थोड़ी बढ़त बनाए हुए हैं, जबकि ई के पलानिस्वामी 38.8 फीसदी लोग अपनी पंसद बताते हैं। विजय को 14.6 फीसदी लोगों का समर्थन मिलता दिख रहा है।
अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) राज्य में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की अगुवाई कर रही है। इस गठबंधन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम और पट्टाली मक्कल काची शामिल हैं। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।
इससे पहले, साल 2021 में 234 सीटों वाली विधानसभा के लिए 6 अप्रैल को एक ही चरण में चुनाव हुए थे। उस चुनाव में द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) ने एआईएडीएमके के दस साल पुराने शासन को खत्म कर दिया था। इसके बाद एम. के. स्टालिन ने तमिलनाडु के 12वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। डीएमके के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (एसपीए) ने कुल 159 सीटें जीती थीं, जिनमें से 133 सीटें अकेले डीएमके के खाते में गई थीं। यह 25 साल में पहली बार था जब किसी गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला। वहीं, एनडीए को 75 सीटें मिली थीं, जिनमें एआईएडीएमके की 66 सीटें शामिल थीं।