साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के अध्यक्ष विजय ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए ताल ठोंक रहे हैं। एक्टर की पार्टी ने तमिलनाडु के सभी 234 विधामसभा सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान भी कर दिया है। वहीं इन उम्मीदवारों में से एक, उनके पूर्व ड्राइवर और वर्तमान PA राजेंद्रन के बेटे सबरिनाथन भी थे। जब पिता और पुत्र दोनों ही इस भावुक पल में रो पड़े, तो अभिनेता-राजनेता ने बेटे के आंसू पोंछे।
ड्राइवर के बेटे को दिया टिकट
तमिल वेट्री कझगम के घोषित उम्मीदवारों में एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में रहा—शबरिनाथन का। वे विजय के लंबे समय से साथ रहे सहयोगी और पूर्व ड्राइवर राजेंद्रन के बेटे हैं। इस घोषणा ने एक भावुक माहौल बना दिया, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जैसे ही शबरिनाथन को विरुगम्बाक्कम सीट से उम्मीदवार घोषित किया गया, वह मंच पर ही भावुक होकर रो पड़े। उन्होंने विजय के पैर छुए और उन्हें गले लगा लिया। विजय भी इस पल से भावुक नजर आए—उन्होंने शबरिनाथन को संभाला और उनके आंसू पोंछे, जबकि उनके पिता राजेंद्रन यह सब देख रहे थे। इस भावुक पल का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। समर्थकों ने इसे वफादारी और लंबे समय से चले आ रहे रिश्तों की मिसाल बताया।
30 साल से भी ज्यादा समय से जुड़े हैं
बताया जाता है कि राजेंद्रन पिछले 30 साल से भी ज्यादा समय से विजय के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने शुरुआत ड्राइवर के तौर पर की थी और बाद में उनके निजी सहायक (PA) बन गए। वहीं, शबरिनाथन भी लंबे समय से विजय के समर्थक नेटवर्क से जुड़े सामाजिक कामों में सक्रिय रहे हैं। पिछले साल उन्हें विरुगम्बाक्कम का जिला सचिव बनाया गया था, जो पार्टी में उनकी बढ़ती भूमिका का संकेत था। अब चुनाव का टिकट मिलने के साथ उनकी अहमियत और बढ़ गई है।
उम्मीदवारों की यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब विजय 23 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर रहे हैं। सोमवार, 30 मार्च को नामांकन दाखिल करने के बाद समर्थकों को संबोधित करते हुए विजय ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब हो चुकी है और खासकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। विजय ने लोगों से अपनी पार्टी तमिल वेट्री कझगम के चुनाव चिन्ह ‘सीटी’ का समर्थन करने की अपील की। उन्होंने इस चुनाव को अपनी पार्टी और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन की सरकार के बीच सीधी टक्कर बताया।
पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, विजय ने कहा, “यह तमिलनाडु को बचाने की लड़ाई है।” उन्होंने सरकार पर भ्रष्टाचार और प्रशासन में नाकामी के आरोप लगाए। विजय ने युवाओं से भी अपील की कि वे उनकी मुहिम का समर्थन करें, जिसे उन्होंने “सीटी क्रांति” (Whistle Revolution) नाम दिया है। फरवरी 2024 में राजनीति में कदम रखने के उनके फैसले से कई लोग हैरान रह गए थे, क्योंकि फिल्म इंडस्ट्री में उनकी सफलता लगातार बनी हुई थी। शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि निर्देशक वेंकट प्रभु की फिल्म द गोट उनकी आखिरी फिल्म होगी। लेकिन बाद में विजय ने एच. विनोद की फिल्म जन नायकन साइन कर ली। हालांकि, इस फिल्म को अभी तक केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से सर्टिफिकेट नहीं मिला है।