तेलंगाना सरकार ने रमज़ान के महीने में मुस्लिम सरकारी कर्मचारियों को खास छूट देने का फैसला किया है। इसके तहत वे नमाज अदा करने के लिए रोज एक घंटा पहले दफ्तर से जा सकेंगे। मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव ने इस संबंध में एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। इसमें बताया गया है कि शिक्षक, कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्सिंग स्टाफ, बोर्ड और कॉर्पोरेशन के कर्मचारी, साथ ही पब्लिक सेक्टर कंपनियों में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारी रोज़े के दौरान शाम 4 बजे अपने दफ्तर या स्कूल से जा सकते हैं।
यह सुविधा 19 फरवरी से 20 मार्च तक लागू रहेगी। हालांकि, जिन कर्मचारियों की ड्यूटी जरूरी सेवाओं से जुड़ी है, उन्हें जरूरत के अनुसार काम पर रुकना पड़ सकता है। इसी के साथ राज्य के स्कूल शिक्षा निदेशक ने भी रमजान को ध्यान में रखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव को मंजूरी दे दी है। 19 फरवरी से 20 मार्च तक सभी उर्दू माध्यम के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूल सुबह 8 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक चलेंगे। जिन स्कूलों में समानांतर माध्यम (पैरेलल मीडियम) के तहत उर्दू सेक्शन हैं, वहां भी यही समय लागू रहेगा। इसके साथ ही DIET कॉलेज भी इसी टाइम टेबल के अनुसार संचालित होंगे।
स्कूलों के लिए की गई विशेष व्यवस्था
कम हुए पढ़ाई के घंटों की भरपाई के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अपर प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों को एक एक्स्ट्रा वर्किंग डे रखना होगा। वहीं प्राइमरी स्कूल दो कार्य दिवसों में अपने रोजाना के समय में 30 मिनट की बढ़ोतरी करेंगे, ताकि सिलेबस पूरा हो सके। क्षेत्रीय और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि बदले हुए समय और अतिरिक्त कक्षाओं की व्यवस्था को तय नियमों के अनुसार सख्ती से लागू कराया जाए।
इस बीच आंध्र प्रदेश सरकार ने भी इसी तरह का आदेश जारी किया है। इसके तहत रमज़ान के महीने में सरकारी दफ्तरों और शैक्षणिक संस्थानों में काम करने वाले मुस्लिम कर्मचारियों को रोज़ एक घंटा पहले घर जाने की अनुमति दी गई है। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एनएमडी फारूक ने बताया कि यह सुविधा आंध्र प्रदेश में 18 फरवरी से 19 मार्च तक लागू रहेगी। अधिकारियों के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य रमज़ान के दौरान धार्मिक परंपराओं का पालन करना आसान बनाना है। सभी विभागों को निर्देश दिया गया है कि आपात स्थिति को छोड़कर इस आदेश को समान रूप से लागू किया जाए।