Trump Tariffs: रूस से तेल की खरीदारी जारी, भारत पर अमेरिका ने लगाया अतिरिक्त टैरिफ

Trump Tariffs: रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से लड़ाई चल रही है। अब इस लेकर अमेरिका के निशाने पर भारत भी आ गया है और अमेरिका ने अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है जोकि 27 अगस्त से लागू होगा। जानिए अमेरिका का क्या कहना है और कितने अतिरिक्त टैरिफ का ऐलान किया है?

अपडेटेड Aug 20, 2025 पर 7:51 AM
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Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है जो 27 अगस्त से लगने लगेगा।

Trump Tariffs: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25% का अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान किया है जो 27 अगस्त से लगने लगेगा। ट्रंप सरकार ने रूस से तेल खरीदने को लेकर एक बार फिर भारत की आलोचना की। अमेरिका का यह भी कहना है कि रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन से लड़ाई में भारत अप्रत्यक्ष रूप से रूस को फाइनेंस कर रहा है और मुनाफा भी कमा रहा है। व्हाइट हाउस की प्रवक्ता कैरोलीन लीविट (Karoline Leavitt) का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई को लेकर भारत पर सैंक्शंस लगाए जा रहे हैं क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति यह युद्ध जल्द से जल्द समाप्त देखना चाहते हैं।

भारत पर $1600 करोड़ के सुपर मुनाफे का आरोप

अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को भारत की इस बात को लेकर आलोचना की कि यूक्रेन से लड़ाई के दौरान भी यह रूस से तेल की खरीदारी कर रहा है। स्कॉट का कहना है कि भारत की स्ट्रैटेजी आर्बिट्रेज की है यानी कि एक जगह से सस्ते में खरीदकर दूसरे जगह महंगे में बेचकर तगड़ा मुनाफा कमाने की। सीएनबीसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि रूस से सस्ते में कच्चा तेल खरीदकर इसके प्रोडक्ट्स को बेचने से भारत ने $1600 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त मुनाफा कमाया है जिसमें से कुछ भारत के सबसे अमीर परिवारों के पास गया है।


कितना बढ़ा है रूस से भारत में तेल का आना?

रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई वर्ष 2022 की शुरुआत से ही हो रहा है। इसके पहले रूस से भारत तेल की बहुत ही कम खरीदारी करता था लेकिन उसके बाद से एकाएक इसमें तगड़ा उछाल आया। रूस से तेल चीन भी खरीदता है लेकिन इसे लेकर अमेरिका का कहना है कि रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई शुरू होने से पहले ही चीन इसका अहम ग्राहक था। ऐसे में रूस से तेल की खरीदारी पर चीन को लेकर अमेरिका को दिक्कत नहीं है बल्कि भारत से है। अगस्त में रूस से तेल का आयात बढ़कर हर दिन 20 लाख बैरल तक पहुंच गया। जुलाई में यह 16 बैरल प्रतिदिन था। वैश्विक रियल टाइम डेटा और एनालिटिक्स मुहैया कराने वाले Kpler के मुताबिक भारत जितना कच्चा तेल खरीदता है, उसमें से इस समय करीब 38% रूस से आ रहा है। अगस्त के पहले दो हफ्ते में भारत ने औसतन 52 लाख बैरल कच्चा तेल आयात किया था।

क्या कहना है भारत का?

अतिरिक्त टैरिफ लगाने को लेकर भारत की कड़ी प्रतिक्रिया आई है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि रूस से तेल की खरीदारी पर अमेरिका ने भारत को निशाना बनाया है लेकिन भारत यह पहले ही कह चुका है कि हमारी खरीदारी मार्केट पर निर्भर है और यह भारत के 140 करोड़ लोगों की एनर्जी सिक्योरिटी को सुरक्षित करने के लक्ष्य के आधार पर है। अतिरिक्त टैरिफ को लेकर भारत का कहना है कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि अमेरिका ने भारत पर उन कदमों के लिए अतिरिक्त शुल्क लगाने का फैसला किया है जो कई अन्य देश भी अपने राष्ट्रीय हित में उठा रहे हैं। भारत ने इसे अनुचित, अन्यायपूर्ण और बेवजह बताया है। भारत ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएगा।

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