Sanatana Dharma Remarks: मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने बुधवार (21 जनवरी) को भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। इसमें उनपर 'सनातन धर्म' को लेकर तमिलनाडु के उप मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया गया था। जस्टिस एस. श्रीमती ने कहा कि उदयनिधि की टिप्पणियां नफरत फैलाने वाले भाषण के समान थीं। इस पर सवाल उठाना एक प्रतिक्रिया थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि उदयनिधि स्टालिन की सनातन के खिलाफ की गई बातें 'हेट स्पीच' के दायरे में आती हैं। कोर्ट ने कहा कि किसी विवादित भाषण पर प्रतिक्रिया देने वाले को सजा देना गलत है। जबकि भाषण देने वाले के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। साल 2023 में उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू और मलेरिया से करते हुए कहा था कि इसे मिटा देना चाहिए।
इसके बाद बीजेपी आईटी सेल के हेड अमित मालवीय ने स्टालिन के भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला था। जस्टिस एस श्रीमती ने कहा कि मालवीय ने सिर्फ तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के सार्वजनिक भाषण पर प्रतिक्रिया दी थी। उनके खिलाफ केस जारी रखना गलत और नुकसानदायक होगा। जज ने कहा कि मालवीय की प्रतिक्रिया ने कानून नहीं तोड़ा। केस को जिंदा रखना कानूनी सिस्टम का गलत इस्तेमाल होगा। कोर्ट ने इसे एक परेशान करने वाला चलन बताते हुए इस पर गहरी निराशा भी जताई।
हाई कोर्ट ने कहा कि मंत्री के भाषण के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया। लेकिन जिसने इस पर सवाल उठाया, उसके खिलाफ तुरंत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया गया। जज ने आगे कहा कि यह देखकर दुख होता है कि आपत्तिजनक बयान देने वाले अक्सर आजाद घूमते हैं। जबकि उन पर प्रतिक्रिया देने वालों को पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ता है।
'लाइव लॉ' के अनुसार कोर्ट ने कहा, "यह कोर्ट दुख के साथ मौजूदा स्थिति को दर्ज करता है कि जो व्यक्ति हेट स्पीच शुरू करता है, उसे आज़ाद छोड़ दिया जाता है। लेकिन जो लोग हेट स्पीच पर प्रतिक्रिया देते हैं। उन्हें कानून के गुस्से का सामना करना पड़ता है। कोर्ट उन लोगों से भी सवाल कर रहे हैं जिन्होंने प्रतिक्रिया दी। लेकिन हेट स्पीच शुरू करने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानून को हरकत में नहीं ला रहे हैं।"
यह विवाद 2023 में "सनातन उन्मूलन सम्मेलन" नाम के एक कार्यक्रम में शुरू हुआ। यहां उदयनिधि स्टालिन ने 'सनातन धर्म' की तुलना डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों से की थी। साथ ही इसे खत्म करने की बात कही। उनकी टिप्पणियों से अलग-अलग अदालतों में कई मामले दर्ज हुए। भाषण के बाद, अमित मालवीय ने ऑनलाइन एक वीडियो क्लिप शेयर किया। साथ ही मंत्री के शब्दों के अर्थ और इरादे पर सवाल उठाया। इसके बाद मालवीय के खिलाफ शिकायत दर्ज की गई। इसमें उन पर नफरत और झूठी जानकारी फैलाने का आरोप लगाया गया।
मालवीय ने X पर पोस्ट किया था, "तमिलनाडु के CM एमके स्टालिन के बेटे और DMK सरकार में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को मलेरिया और डेंगू से जोड़ा है... उनका मानना है कि इसे सिर्फ़ विरोध नहीं, बल्कि जड़ से खत्म कर देना चाहिए। संक्षेप में वह भारत की 80% आबादी के नरसंहार की बात कर रहे हैं, जो सनातन धर्म को मानते हैं।" मालवीय ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने सिर्फ वही शेयर किया था जो पहले से पब्लिक था। उन्होंने भाषण के बारे में सवाल पूछे थे। उन्होंने तर्क दिया कि उनकी पोस्ट को गलत समझा गया।