Unnao Rape Case: कुलदीप सेंगर की जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची CBI, दाखिल की एसएलपी

Unnao Rape Case : सीबीआई ने आज इस संबंध में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है। इससे पहलेदिसंबर 2019 में निचली अदालत ने कुलदीप सिंह सेंगर को रेप मामले में दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी

अपडेटेड Dec 26, 2025 पर 11:00 PM
Unnao Rape Case: सीबीआई ने आज इस संबंध में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में उन्नाव रेप केस के दोषी और बीजेपी से निष्कासित नेता कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत को चुनौती दी है। यह जमानत दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने दी थी। सूत्रों के मुताबिक, CBI ने कहा कि उसने दिल्ली हाई कोर्ट के आदेशों का अध्ययन कर लिया है। इसके बाद एजेंसी ने यह फैसला लिया कि आरोपी कुलदीप सेंगर की सज़ा निलंबित कर ज़मानत देने के फैसले के खिलाफ जल्द से जल्द सुप्रीम कोर्ट में SLP (स्पेशल लीव पिटीशन) दाखिल की जाएगी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने दी थी जमानत

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को उन्नाव रेप केस के दोषी कुलदीप सिंह सेंगर को जमानत दे दी, जबकि उसकी अपील अभी अदालत में लंबित है। हालांकि, इस फैसले के बाद भी उसकी तुरंत रिहाई नहीं होगी, क्योंकि वह रेप पीड़िता के पिता की मौत से जुड़े एक अलग मामले में अभी भी जेल में बंद है। हाई कोर्ट ने ज़मानत देते समय कड़ी शर्तें लगाई हैं। अदालत ने सेंगर को 15 लाख रुपये का पर्सनल बॉन्ड और उतनी ही रकम की तीन ज़मानतें देने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उसे पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर के दायरे में जाने से रोक दिया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा है कि अपील लंबित रहने तक उसे दिल्ली में ही रहना होगा।


CBI ने दी फैसले को चुनौती 

अदालत ने साफ किया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि अगर अंत में वह दोषी ठहराया जाता है, तो वह बाकी सजा पूरी करने के लिए उपलब्ध रहे। जमानत देने के फैसले को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के साथ-साथ उन्नाव पीड़िता और उसके परिवार ने भी चुनौती दी है। पीड़िता ने अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई और इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि बाद में दिल्ली पुलिस ने उन्हें वहां से हटा दिया।

वहीं CBI ने भी परिवार की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को गंभीर बताते हुए पहले ही साफ कर दिया था कि वह जमानत के आदेश को चुनौती देगी। CBI ने कहा कि इस मामले में समय पर जवाब और लिखित दलीलें दाखिल की गई हैं। एजेंसी ने यह भी बताया कि पीड़िता के परिवार ने सुरक्षा और धमकियों का हवाला देते हुए ज़मानत का विरोध किया है। CBI के मुताबिक, वह इस आदेश को तुरंत उच्च अदालत में चुनौती देगी।

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