Unnao Rape Case: कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मिलीं उन्नाव रेप पीड़िता, बोली- 'प्रधानमंत्री से भी मिलना चाहती हूं'

Unnao Rape Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव बलात्कार मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे बीजेपी से निष्कासित कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा मंगलवार 23 दिसंबर को निलंबित कर दी। अदालत ने कहा कि वह पहले ही सात साल पांच महीने जेल में बिता चुका है। कोर्ट के आदेश के बाद पीड़िता और उसकी मां दर-दर इंसाफ के लिए भटक रही हैं

अपडेटेड Dec 24, 2025 पर 7:03 PM
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Unnao Rape Case: पीड़िता ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलना चाहती हूं

Unnao Rape Case: उन्नाव रेप केस की पीड़िता और उसकी मां ने बुधवार (24 दिसंबर) शाम को कांग्रेस सांसद राहुल गांधी से दिल्ली में मुलाकात की। यह मुलाकात सोनिया गांधी के 10 जनपथ रोड स्थित आवास पर हुई। राहुल गांधी ने जर्मनी दौरे से भारत लौटने के बाद पीड़िता को फोन कर मुलाकात के लिए बुलाया था। पीड़िता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलना चाहती हूं। पीड़िता ने कहा कि मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए।

इससे पहले दिल्ली पुलिस ने पीड़िता और उसकी मां को मीडिया से बात करने से रोक दिया था। सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें प्रदर्शन करने से भी रोक दिया। पीड़िता ने कहा, "मेरा साथ अन्याय हुआ है, मैं दुख तकलीफ बताना चाहती हूं... पीएम से भी मिलना चाहती हूं। मुझे राहुल गांधी ने फोन करके बुलाया था।" सूत्रों ने बताया कि इस मुलाकात के दौरान सोनिया गांधी भी मौजूद थीं।

लड़की और उसकी मां दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा रेप केस में दोषी ठहराए गए पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दी गई राहत का विरोध कर रही हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में मंगलवार 24 दिसंबर को सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित कर दी। साथ ही दोषसिद्धि के खिलाफ दायर उसकी अपील पर अंतिम फैसला आने तक उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया।


इससे पहले दिसंबर 2019 में एक निचली अदालत ने 2017 में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म मामले में सेंगर को दोषी ठहराते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हालांकि, हाई कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि सेंगर पीड़िता के घर के पांच किलोमीटर के दायरे में नहीं जाएगा। न ही पीड़िता या उसकी मां को किसी तरह की धमकी देगा। अब वह जेल से बाहर आ जाएगा।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष गांधी ने सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित किए जाने के बाद बुधवार को कहा कि उसको जमानत मिलना निराशाजनक एवं शर्मनाक है। उन्होंने यह दावा भी किया कि हम सिर्फ़ एक मृत अर्थव्यवस्था ही नहीं। बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने बलात्कार पीड़िता को विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा हटाए जाने के दावे वाले एक X पोस्ट को रिपोस्ट किया। राहुल गांधी ने X पर पोस्ट किया, "क्या एक गैंगरेप पीड़िता के साथ ऐसा व्यवहार उचित है? क्या उसकी गलती यह है कि वह न्याय के लिए अपनी आवाज उठाने की हिम्मत कर रही है? उसके अपराधी (पूर्व BJP विधायक) को जमानत मिलना बेहद निराशाजनक और शर्मनाक है, खासकर तब, जब पीड़िता को बार-बार प्रताड़ित किया जा रहा हो, और वह डर के साये में जी रही हो।"

उन्होंने सवाल किया कि बलात्कारियों को ज़मानत, और पीड़िताओं के साथ अपराधियों सा व्यवहार... यह कैसा न्याय है? राहुल गांधी ने दावा किया, "हम सिर्फ़ एक मृत अर्थव्यवस्था ही नहीं, बल्कि ऐसी अमानवीय घटनाओं के साथ हम एक मृत समाज भी बनते जा रहे हैं। लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ उठाना अधिकार है, और उसे दबाना अपराध।" उन्होंने कहा, "पीड़िता को सम्मान, सुरक्षा और न्याय मिलना चाहिए- न कि बेबसी, भय और अन्याय।"

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पीड़िता ने सेंगर की उम्रकैद की सजा निलंबित किए जाने के फैसले को अपने परिवार के लिए 'काल' करार देते हुए कहा कि वह इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीड़िता ने दिल्ली से फोन पर न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि उसके परिवार के सदस्यों, वकीलों और गवाहों की सुरक्षा पहले ही हटा ली गई थी। अब सेंगर की सजा निलंबित किए जाने के फैसले ने उनके डर को और बढ़ा दिया है।

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