जिस भैंस को कुत्ते ने काटा, उसके दूध से बना रायता अंत्येष्टि में परोसा! रेबीज वैक्सीन के लिए 200 लोगों में मची अफरा-तफरी

भैंस की 26 दिसंबर को मौत हो गई, जिससे गांव में संक्रमण के खतरे को लेकर दहशत फैल गई। इसके बाद ग्रामीण उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और टीका लगवाया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने रविवार को बताया कि अधिकारियों को सूचना मिली थी कि भैंस को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था और मरने से पहले उसमें रेबीज के लक्षण दिखाई दिए थे

अपडेटेड Dec 29, 2025 पर 2:50 PM
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Budaun: रेबीज वैक्सीन के लिए 200 लोगों में मची अफरा-तफरी

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के पिपरौली गांव के लगभग 200 लोगों को एहतियात के तौर पर एंटी रेबीज वैक्सीन लगाए गए, जब उन्हें पता चला कि एक अंत्येष्टि में परोसा गया रायता उस भैंस के दूध से तैयार किया गया था, जिसकी बाद में संदिग्ध रेबीज से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया कि 23 दिसंबर को अंत्येष्टि का कार्यक्रम किया गया, जिसमें रायता परोसा गया। कुछ दिनों बाद पता चला कि जिस भैंस के दूध का इस्तेमाल किया गया था, उसे पहले कुत्ते ने काट लिया था।

न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, भैंस की 26 दिसंबर को मौत हो गई, जिससे गांव में संक्रमण के खतरे को लेकर दहशत फैल गई। इसके बाद ग्रामीण उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और टीका लगवाया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामेश्वर मिश्रा ने रविवार को बताया कि अधिकारियों को सूचना मिली थी कि भैंस को एक पागल कुत्ते ने काट लिया था और मरने से पहले उसमें रेबीज के लक्षण दिखाई दिए थे।


यह भी बताया गया कि गांव वालों ने जानवर के दूध से बना रायता पीया था। उन्होंने कहा, "इलाज से बेहतर रोकथाम है, जिन लोगों को भी शक था, उन्हें एंटी रेबीज वैक्सीन लगाया गया।"

उन्होंने आगे कहा, "आम तौर पर दूध उबालने के बाद रेबीज का कोई खतरा नहीं होता, लेकिन किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए वैक्सीनेशन किया गया था।" स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि गांव में अभी तक कोई बीमारी नहीं फैली है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है।

CMO ने बताया कि उझानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने वाले हर व्यक्ति को तुरंत टीका लगाया गया। इसके लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शनिवार और रविवार दोनों दिन खुले रखे गए। उन्होंने यह भी कहा कि अफवाहों या दहशत को फैलने से रोकने के लिए गांव की निगरानी की जा रही है।

गांव के ही रहने वाले धर्मपाल ने बताया कि भैंस को कुत्ते ने काट लिया था, जिससे वह बीमार पड़ गई और बाद में उसकी मौत हो गई। संक्रमण का डर इसलिए पैदा हुआ, क्योंकि रायता उसी भैंस के दूध से बनाया गया था, इसलिए उन्होंने रेबीज का टीका लगवाया।

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