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UP ने पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के निर्यात का आंकड़ा पार किया, 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बड़ा कदम

खास बात यह है कि यूपी की निर्यात वृद्धि देश के औसत 5.45 फीसदी से काफी बेहतर रही। इससे पता चलता है कि राज्य में मैन्युफैक्चरिंग (प्रोडक्शन), उद्योग और वैश्विक बाजारों तक पहुंच लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक के बाद उत्तर प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 18, 2026 पर 1:04 PM
UP ने पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के निर्यात का आंकड़ा पार किया, 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बड़ा कदम
UP ने पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये के निर्यात का आंकड़ा पार किया, 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में बड़ा कदम

उत्तर प्रदेश ने आर्थिक मोर्चे पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य ने पहली बार 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का निर्यात (Export) किया है, जिससे 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के उसके लक्ष्य को मजबूती मिली है। DGCIS के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में उत्तर प्रदेश का निर्यात बढ़कर 2,01,241 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह पिछले साल के 1,86,060 करोड़ रुपये के मुकाबले 8.16 फीसदी ज्यादा है।

खास बात यह है कि यूपी की निर्यात वृद्धि देश के औसत 5.45 फीसदी से काफी बेहतर रही। इससे पता चलता है कि राज्य में मैन्युफैक्चरिंग (प्रोडक्शन), उद्योग और वैश्विक बाजारों तक पहुंच लगातार बढ़ रही है। वर्तमान में गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक के बाद उत्तर प्रदेश देश का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक राज्य है।

इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के यूपी चैप्टर के चेयरमैन मुकेश सिंह ने कहा कि निर्यात में बढ़ोतरी राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद सकारात्मक संकेत है। इससे रोजगार बढ़ेंगे, निवेश आएगा, MSME (छोटे और मध्यम उद्योग) मजबूत होंगे और यूपी के उद्योगों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अगर निर्यात लगातार बढ़ता रहा तो यूपी के 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी। ज्यादा निर्यात का मतलब है कि राज्य में बने उत्पादों की मांग बढ़ेगी, फैक्ट्रियों में उत्पादन बढ़ेगा, नए रोजगार पैदा होंगे और विदेशी मुद्रा की आमद भी बढ़ेगी। इसका फायदा छोटे उद्योगों, कारीगरों और किसानों तक पहुंचेगा, जो निर्यात से जुड़े कारोबार का हिस्सा हैं।

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