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यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर का अजीब कारनामा! चोर की जगह लिखा जज का नाम, फिर उनके घर भी पहुंच गए

सीआरपीसी की धारा 82 के तहत, यदि अदालत को लगता है कि कोई आरोपी फरार है या जानबूझकर गिरफ्तारी से बच रहा है, तो उसके खिलाफ उद्घोषणा जारी की जाती है, जिसमें उसे अदालत के सामने पेश होने के लिए कहा जाता है। इसी प्रावधान के तहत मजिस्ट्रेट नगमा खान ने चोरी के आरोपी राजकुमार उर्फ पप्पू के खिलाफ उद्घोषणा जारी की थी। लेकिन पुलिस अधिकारी ने पूरी प्रक्रिया को ही गलत समझ लिया

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 12, 2025 पर 9:18 PM
यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर का अजीब कारनामा! चोर की जगह लिखा जज का नाम, फिर उनके घर भी पहुंच गए
UP Police: यूपी पुलिस के सब-इंस्पेक्टर का अजीब कारनामा!

उत्तर प्रदेश में एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। इस बार मामला इतना अजीब है कि इसे जो भी सुनेगा वो हैरान हो जाएगा। आगरा में एक पुलिस अफसर ने चोरी के आरोपी को पकड़ने की जगह खुद कोर्ट की जज को ही आरोपी बना डाला। पुलिस उपनिरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) ने उद्घोषणा (Proclamation) में आरोपी का नाम लिखने की बजाय मजिस्ट्रेट का नाम ही दर्ज कर दिया।

यूपी पुलिस का अजीब कारनामा

दरअसल, आरोपी राजकुमार की तलाश के लिए अदालत ने उद्घोषणा जारी की थी। लेकिन सब-इंस्पेक्टर बनवारीलाल ने उस पर आरोपी की जगह मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नगमा खान का नाम ही लिख दिया और उन्हीं की तलाश शुरू कर दी। इस लापरवाही पर अदालत ने कड़ी नाराज़गी जताई और कहा कि सब-इंस्पेक्टर को आपराधिक प्रक्रिया की बुनियादी समझ तक नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि उद्घोषणा तामील करने में ऐसी लापरवाही गंभीर चिंता का विषय है।

जज को ही बना डाला चोर

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