US-Iran Ceasefire: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव को फिलहाल दो सप्ताह के लिए टाल दिया है। उन्होंने घोषणा की है कि प्रस्तावित हमलों को दो हफ्ते के लिए रोका जाएगा, बशर्ते ईरान होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने पर सहमत हो जाए। इस फैसले से दुनिया भर के लोगों को बड़ी राहत मिली है। सीजफायर का यह फैसला उस समय लिया गया, जब ट्रंप की तरफ से तय की गई रात 8 बजे (अमेरिकी टाइम) की समयसीमा में केवल 90 मिनट बाकी थे। इस दौरान पाकिस्तान की मध्यस्थता से पर्दे के पीछे बातचीत हुई।
इस बीच, सीजफायर की घोषणा के बाद भारत में मौजूद ईरानी दूतावास की तरफ से ट्रंप का मजाक उड़ाया गया है। ईरानी दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तस्वीर के साथ लिखा, "ईरानी सभ्यता के समक्ष नतमस्तक होइए।" इस तस्वीर में ट्रंप ईरानी तस्वीर के सामने झुके हुए नजर आ रहे हैं। दरअसल, डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को चेतावनी दी थी कि आज रात एक पूरी सभ्यता का अंत हो सकता है। लेकिन ईरान का कहना है कि ट्रंप ने रात 8 बजे की समय सीमा से पहले ही तेहरान के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर ईरान इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते को खोलने के लिए तैयार होता है, तो अमेरिका दो हफ्तों तक हमले रोक देगा। उन्होंने यह भी बताया कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के बाद एक तरह का दोनों पक्षों का युद्धविराम संभव हुआ है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को पहले ही हासिल कर चुका है। ईरान के साथ लंबे समय की शांति के लिए एक समझौते की दिशा में काफी आगे बढ़ चुका है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को ईरान की ओर से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है, जिस पर बातचीत आगे बढ़ सकती है।
ट्रंप ने दावा किया कि पहले जिन मुद्दों पर विवाद था, उनमें से ज्यादातर पर सहमति बन चुकी है। दो हफ्तों का यह समय समझौते को अंतिम रूप देने के लिए दिया गया है। हालांकि यह युद्धविराम पूरी तरह पक्का नहीं है। ट्रंप ने साफ किया कि यह तभी लागू होगा जब ईरान तुरंत और सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट को खोलने पर सहमत होगा। ईरान ने भी इस पर शुरुआती सहमति के संकेत दिए हैं। विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा कि अगर ईरान पर हमले बंद होते हैं, तो उसकी सेना भी अपनी कार्रवाई रोक देगी।
उन्होंने कहा कि दो हफ्तों तक ईरान की सेना के साथ समन्वय बनाकर और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए इस समुद्री रास्ते से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, इजरायल ने भी इस दो हफ्तों के विराम पर सहमति जताई है। हालांकि उसने कहा है कि लेबनान सीजफायर में शामिल नहीं है। इस घोषणा से पहले हालात काफी तनावपूर्ण थे। ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट इस पूरे संकट का केंद्र बना हुआ है। इसके बंद होने से तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र में बहरीन की अगुवाई में इस रास्ते को खोलने का प्रस्ताव लाया गया। लेकिन रूस और चीन ने उसे वीटो कर दिया। व्हाइट हाउस ने कहा कि बातचीत जारी रह सकती है। लेकिन इस बात पर जोर दिया कि जब तक राष्ट्रपति या व्हाइट हाउस की तरफ से कोई घोषणा नहीं की जाती, तब तक कुछ भी फाइनल नहीं है। हालांकि घोषणा के बाद भी खाड़ी क्षेत्र के कुछ हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों की खबरें आई हैं। इससे यह सवाल उठ रहा है कि युद्धविराम कैसे लागू होगा।