मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से LPG (रसोई गैस) लेकर एक जहाज को रवाना कर दिया है। इस जहाज को सुरक्षित रास्ता देने के लिए भारतीय नेवी की मदद ली जा रही है।
CNN-News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जहाज Shivalik होर्मुज जलडमरूमध्य से अपनी यात्रा शुरू कर चुका है। इस जहाज में 40,000 मीट्रिक टन से ज्यादा LPG लदी हुई है और इसमें चालक दल भी मौजूद है।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार इस जहाज को भारतीय नौसेना की निगरानी और गाइडेंस में आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि वह इस संवेदनशील समुद्री रास्ते से सुरक्षित निकल सके।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री ऊर्जा मार्गों में से एक है और यहां सुरक्षा स्थिति को लेकर इन दिनों काफी तनाव बना हुआ है।
जल्द रवाना होगा एक और LPG जहाज
सूत्रों के मुताबिक एक और LPG लेकर चलने वाला जहाज भी अगले छह घंटे के भीतर इस इलाके से रवाना हो सकता है। इससे संकेत मिलता है कि भारत ने इस क्षेत्र से ऊर्जा सप्लाई को धीरे-धीरे और सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की रणनीति शुरू कर दी है।
अब से कुछ देर पहले भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा, "ईरान ने होर्मुज को बंद नहीं किया है। यह खुला हुआ है, हालांकि, मौजूदा हालात और परिस्थितियों के कारण जहाज होर्मुज से गुजरने में असमर्थ हैं। नहीं तो ईरान कभी नहीं चाहता था कि स्ट्रेट बंद हो या ब्लॉक हो। कुछ (जहाज़) अभी भी वहां से गुजर रहे हैं।"
दुनिया का अहम ऊर्जा मार्ग है होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दुनिया का सबसे अहम समुद्री “चोकपॉइंट” माना जाता है। दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है।
इसी वजह से इस क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और जहाजों की सुरक्षित आवाजाही वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद अहम मानी जाती है।