Vaishno Devi Yatra Suspended: जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों में भारी बर्फबारी और बारिश के बाद पवित्र श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। अधिकारियों ने शुक्रवार (23 जनवरी) को बताया कि जम्मू-कश्मीर में मौसम तेजी से बदला है। कटरा और आसपास के इलाकों में सीजन की पहली बारिश और बर्फबारी हो रही है। इसके बाद अधिकारियों को सुरक्षा कारणों से तीर्थ यात्रा रोकने के लिए मजबूर होना पड़ा। बारिश और बर्फबारी से रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ रहा है। अधिकारियों को एहतियाती कदम उठाने पड़े हैं।
माता रानी के श्रद्धालुओं को सुरक्षा कारणों के चलते कटरा में ही रोक दिया गया है। NDTV के मुताबिक, तीर्थयात्रियों को अगले आदेश तक कटरा में ही रुकने के लिए कहा गया है। अगले आदेश तक किसी भी यात्री को बेस कैंप से मंदिर की ओर जाने की इजाजत नहीं होगी। प्रशासन ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ होते ही यात्रा को फिर सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा।
त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित मशहूर श्री माता वैष्णो देवी मंदिर ताजी बर्फ से ढक गया है। इससे खड़ी चढ़ाई वाले रास्ते और आस-पास के पहाड़ एक शांत सर्दियों के नजारे में बदल गए। गुरुवार शाम को ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी शुरू हुई और यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रही। इससे खूबसूरत नजारे तो बने। लेकिन ट्रैकर्स के लिए हालात भी खतरनाक हो गए।
न्यूज एजेंसियों की तरफ से शेयर की गई तस्वीरों और वीडियो में तीर्थयात्रा का रास्ता और पवित्र मंदिर बर्फ की मोटी सफेद चादर से ढका हुआ दिख रहा है। इसे देखकर लोग हैरान हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं भी बढ़ गई हैं। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने मौसम की स्थिति का जायजा लेने के बाद यात्रा को सस्पेंड करने का आदेश दिया है।
अधिकारियों ने बताया कि कटरा में बेस कैंप में पहले से मौजूद तीर्थयात्रियों को सावधान रहने को कहा गया है। जब तक मौसम ठीक नहीं हो जाता, तब तक किसी भी नए यात्री को ट्रेक शुरू करने की इजाजत नहीं दी गई। अधिकारियों ने बताया कि भारी बर्फबारी और बारिश से इलाके में रोजमर्रा की जिंदगी भी प्रभावित हुई है। इससे मुख्य सड़कें और हाईवे बंद करने पड़े।
कई जगहों पर बर्फ जमने और फिसलन भरी स्थितियों के कारण जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर भी ट्रैफिक रोक दिया गया। खराब मौसम को देखते हुए जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी जिलों में स्कूलों को एहतियात के तौर पर बंद कर दिया गया है। स्थानीय प्रशासन ने बर्फबारी से प्रभावित निवासियों और यात्रियों की मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर और सुरक्षा टीमें भी बनाई है।