Virat Ramayan Mandir Shivling Sthapana:माघ शिवरात्रि पर बिहार के इस मंदिर में आज स्थापित होगा 210 टन का शिवलिंग, जानें क्या है स्थापना मुहूर्त

Virat Ramayan Mandir Shivling Sthapana: बिहार के कैथवलिया स्थित रामायण मंदिर में आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। आइए जानें इस शिवलिंग की विशेषता और स्थापना के मुहूर्त सहित सारी डीटेल्स

अपडेटेड Jan 17, 2026 पर 12:57 PM
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इसे दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बताया जा रहा है, जिसकी लंबाई 33 फिट और वजह 210 टन है।

Virat Ramayan Mandir Shivling Sthapana: बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण जिले में आज इतिहास रचने जा रहा है। यहां के कैथवलिया के विराट रामायण मंदिर में आज सहस्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना की जा रही है। महावीर मंदिर न्यास समिति विराट रामायण मंदिर का निर्माण करा रही है। पटना हनुमान मंदिर के आचार्य किशोर कुणाल ने इस विशाल शिवलिंग के निर्माण का सपना देखा था। इसे दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग बताया जा रहा है, जिसकी लंबाई 33 फिट और वजह 210 टन है। इस बेहद पावन अवसर का साक्षी बनने के लिए राज्य के मुख्य मंत्री नीतीश कुमार भी विराट रामायण मंदिर में पहुंचेंगे। आज के दिन को इस शिवलिंग की स्थापना के लिए चुनने के लिए भी खास वजह है। आइए जानें इसकी वजह और शिवलिंग की खासियतें।

सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की विशेषताएं

  • सहस्त्रलिंगम शिवलिंग में छोटे-छोटे 1008 शिवलिंग समाहित हैं और यह काले रंग के ग्रेनाइट पत्थर से बना है। इस वजह से इस शिवलिंग को सहस्त्रलिंगम नाम दिया गया है।
  • 33 फीट ऊंचे और 210 टन वजनी इस शिवलिंग को 23 फीट ऊंचे स्थान पर स्थापित किया जाएगा। इसके बाद इस शिवलिंग की जमीन से ऊंचाई 56 फीट होगी।
  • सहस्त्रलिंगम शिवलिंग का निर्माण तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में हुआ है। इसे बनाने में करीब 10 साल का समय लगा है।
  • दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग को बनाने पर करीब 3 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।
  • इस विशाल शिवलिंग को 96 चक्के वाले ट्रक से महाबलीपुरम से 45 दिनों में कैथवलिया लाया गया है।

आज की तारीख क्यों है खास?

पंचांग के अनुसार, आज माघ माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। इस तिथि का प्रारंभ 16 जनवरी शुक्रवार को रात 10:21 बजे हुआ है और यह आज 17 जनवरी शनिवार को देर रात 12:03 बजे तक है। आज पूरे दिन चतुर्दशी तिथि है, मासिक शिवरात्रि का दिन। शिवरात्रि यानि भगवान शिव की रात्रि, इसलिए इसे दुनिया के सबसे बड़े शिवलिंग स्थापना के लिए चुना गया है। आज से एक महीने बाद यानि 15 फरवरी को महाशिवरात्रि भी है।


सहस्त्रलिंगम शिवलिंग स्थापना मुहूर्त

सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना की पूजा सुबह में 8 बजे से लेकर 10 बजे तक चलेगी। फिर 10:30 बजे से लेकर दोपहर 12:30 बजे तक हवन होगा। इस समय में ही सहस्त्रलिंगम शिवलिंग की स्थापना की जाएगी। पंचांग के अनुसार, सुबह 08:34 बजे से लेकर सुबह 09:53 बजे तक शुभ-उत्तम मुहूर्त है। वहीं, दोपहर में 12:31 बजे से लेकर 01:50 बजे तक चर-सामान्य मुहूर्त है।

कंबोडिया और कोलकाता से आए है सजावट के फूल

शिवलिंग स्थापना में फूल, बेलपत्र, धतूरे से बने 20 किलोग्राम की माला का उपयोग होगा। यह माला पूजा के दौरान शिवलिंग पर अर्पित की जाएगी। वहीं, मंदिर की साजसज्जा में 3250 किलोफूल लगे हैं। ये फूल कोलकाता और कंबोडिया से लाए गए हैं।

1072 देवताओं की भी स्थापना

शिवलिंग स्थापना कार्यक्रम का अनुष्ठान 21 पंडित करेंगे, जो वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 1072 देवताओं की भी स्थापना कराएंगे। वहीं हवन के समय में 64 देवताओं को भी आहुती दी जाएगी। पूजा के समापन पर सहस्त्रलिंगम शिवलिंग को वहां से हटाकर मंदिर में निर्धारित जगह स्थापित किया जाएगा।

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