भारत में शुक्रवार को मौजूद भारत में अमेरिकी दूतावास ने डोनाल्ड ट्रंप के बयान साझा किए, जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी की तारीफ की। यह बयान पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच आया है। ट्रंप ने कहा, “भारत के साथ हमारा शानदार रिश्ता आगे और मजबूत होगा। प्रधानमंत्री मोदी और मैं ऐसे लोग हैं जो काम करके दिखाते हैं, जो ज्यादातर लोगों के बारे में नहीं कहा जा सकता।”
हाल ही में ट्रंप ने पीएम मोदी से फोन पर बात की थी और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की थी। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहना चाहिए और इलाके में तनाव कम होना जरूरी है।
भारत की ऊर्जा सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है, इसलिए यहां शांति और स्थिरता भारत के लिए बहुत जरूरी है। दोनों नेताओं ने यह भी तय किया कि हालात को सामान्य बनाने के लिए वे संपर्क में बने रहेंगे।
ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि वह ईरान के ऊर्जा ढांचे पर हमला फिलहाल टाल रहे हैं और तेहरान को 6 अप्रैल तक का समय दे रहे हैं कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोले। उन्होंने यह भी कहा कि युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत “काफी अच्छी चल रही है।”
यह फैसला उनके पहले दिए गए कड़े बयान से थोड़ा पीछे हटना माना जा रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर रास्ता बंद रहा तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा प्लांट्स पर हमला करेगा। ईरान ने भी चेतावनी दी है कि अगर ऐसा हुआ तो वह क्षेत्र के दूसरे अहम ढांचों पर जवाबी कार्रवाई करेगा।
ईरान द्वारा ट्रंप के 15-पॉइंट वाले युद्धविराम प्लान को खारिज करने के एक दिन बाद, ट्रंप ने कहा कि ईरान “समझौता करने के लिए बेताब है” और उसे जल्द बातचीत के लिए गंभीर होना चाहिए।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया जब अमेरिकी शेयर बाजार गिर गए और तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिससे यह चिंता फिर बढ़ गई कि युद्ध जल्द खत्म होगा या नहीं।
इस युद्ध में अब तक ईरान में 1,900 से ज्यादा लोग, लेबनान में करीब 1,100 लोग, 22 इजरायली और 13 अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं। इसके अलावा खाड़ी क्षेत्र में जमीन और समुद्र पर भी कई आम नागरिकों की मौत हुई है। लाखों लोग लेबनान और ईरान में अपना घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।