Flight Operations: मिडिल ईस्ट में जारी संकट और हवाई क्षेत्र की पाबंदियों का बड़ा असर भारत की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार को लोकसभा में बताया कि युद्ध के चलते अब तक हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। इंडिगो और एयर इंडिया की डेली कई फ्लाइट्स अभी भी कैंसिल हो रही है।
हालांकि, तनावपूर्ण स्थिति के बावजूद भारत और खाड़ी देशों के बीच यात्रियों का आवागमन थमा नहीं है। मंत्री नायडू ने जानकारी दी कि इस तनावपूर्ण अवधि के दौरान लगभग 2,19,780 लोगों ने भारत और पश्चिम एशिया के बीच यात्रा की है।
बजट सत्र के छठे दिन संसद को संबोधित करते हुए विमानन मंत्री ने इन आंकड़ों को सामने रखा। भारतीय विमानन कंपनियों ने अब तक कुल 4,335 उड़ानें रद्द की हैं। भारत आने-जाने वाली विदेशी कंपनियों की भी लगभग 1,187 उड़ानें प्रभावित हुई हैं। मंत्री ने स्पष्ट कहा, 'हमारी पहली प्राथमिकता सुरक्षा है। अगर हवाई क्षेत्र ही बंद है, तो हमें उस क्षेत्र में ऑपरेशन चलाने की जरूरत नहीं है।'
DGCA और मंत्रालय की पैनी नजर
सरकार स्थिति को संभालने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संपर्क बनाए हुए है। भारत का विमानन नियामक (DGCA) और मंत्रालय प्रभावित देशों के अधिकारियों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। मंत्रालय हवाई किराए पर भी करीब से नजर रख रहा है ताकि संकट का फायदा उठाकर एयरलाइंस टिकटों के दाम में बेतहाशा बढ़ोतरी न करें।
यात्रियों के लिए जरूरी सलाह
विमानन मंत्री ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से पहले अपनी एयरलाइंस के संपर्क में रहें। जब तक हवाई मार्ग पूरी तरह बहाल नहीं होते, एयरलाइंस सुरक्षा के लिए वैकल्पिक रास्तों और बदले हुए शेड्यूल का इस्तेमाल करती रहेंगी। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे एयरपोर्ट जाने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर अपनी फ्लाइट का स्टेटस जरूर चेक करें।