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West Asia War: पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की आज करेंगे हाई-लेवल CCS की बैठक, मीटिंग में सभी मंत्री होंगे शामिल

West Asia War: कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की विस्तृत बैठक की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अध्यक्षता करेंगे। इस मीटिंग में पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यह हाई-लेवल बैठक 22 मार्च को हुई इसी तरह की एक समीक्षा मीटिंग के कुछ ही दिनों बाद हो रही है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Apr 01, 2026 पर 2:18 PM
West Asia War: पश्चिम एशिया संकट पर PM मोदी की आज करेंगे हाई-लेवल CCS की बैठक, मीटिंग में सभी मंत्री होंगे शामिल
West Asia War: पीएम मोदी आज मंत्रियों के साथ ईरान युद्ध की समीक्षा करेंगे। शाम को उच्च-स्तरीय CCS बैठक होगी

West Asia War: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार (1 अप्रैल) शाम 7 बजे कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक विस्तृत बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इस मीटिंग में पश्चिम एशिया की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। यह हाई-लेवल बैठक 22 मार्च को हुई इसी तरह की एक समीक्षा मीटिंग के कुछ ही दिनों बाद हो रही है। यह इस बात का संकेत है कि सरकार भारत के रणनीतिक और आर्थिक हितों को प्रभावित करने वाले घटनाक्रमों पर लगातार ध्यान दे रही है। पीएम मोदी ने हाल ही में कहा था पश्चिम एशिया भी भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि लगभग एक करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं।

पिछली मीटिंग के दौरान कैबिनेट सचिव ने वैश्विक स्थिति और अब तक उठाए गए और भारत सरकार के सभी संबंधित मंत्रालयों/विभागों द्वारा किए जा रहे उपायों पर एक विस्तृत रिपोर्ट पेश दी। कृषि, उर्वरक, खाद्य सुरक्षा, पेट्रोलियम, बिजली, एमएसएमई, निर्यातक, शिपिंग, व्यापार, वित्त, सप्लाई चेन और सभी प्रभावित क्षेत्रों जैसे विभिन्न क्षेत्रों पर पड़ने वाले अपेक्षित प्रभाव और उससे निपटने के लिए उठाए गए उपायों पर चर्चा की गई।

पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक रूप से महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। भारत पर इसके प्रभावों का आकलन किया गया। इस दौरान तत्काल तथा दीर्घकालिक दोनों तरह के जवाबी उपायों पर चर्चा की गई। आम आदमी की महत्वपूर्ण आवश्यकताओं (भोजन, ऊर्जा और ईंधन सुरक्षा शामिल) की उपलब्धता का विस्तृत आकलन किया गया। आवश्यक वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में किसानों पर पड़ने वाले असर और खरीफ मौसम के लिए उनकी खाद की जरूरत का आकलन किया गया। पिछले कुछ सालों में खाद का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों से समय पर उपलब्धता और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होगी। भविष्य में लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खाद के वैकल्पिक स्रोतों पर भी चर्चा की गई। यह भी तय किया गया कि सभी पावर प्लांट में कोयले के स्टॉक की पर्याप्त सप्लाई से भारत में बिजली की कोई कमी नहीं होगी।

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