Governor CV Ananda Bose: कोलकाता की सड़कों पर रविवार को जब दुनिया भर के एथलीट दौड़ने की तैयारी कर रहे थे, तभी एक ऐसी घटना हुई जिसने वहां मौजूद लोगों की सांसें थमा दीं। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने 'वर्ल्ड एथलेटिक्स गोल्ड लेबल रेस' को हरी झंडी दिखाने के बजाय स्टार्टिंग पिस्टल फायर की। नियम और सुरक्षा को दरकिनार कर किए गए इस फायर ने न केवल पास खड़े लोगों को चौंका दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर 'पीआर कल्चर' को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।
गवर्नर ने ADC की सलाह को किया अनसुना
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि राज्यपाल के एडीसी (Aide-De-Camp) उन्हें बार-बार निर्देश दे रहे थे। एडीसी ने इशारा किया कि पिस्टल को सिर के ऊपर ले जाकर हवा में फायर करना चाहिए, ताकि उसकी आवाज और चिंगारी से आसपास खड़े लोगों को कोई नुकसान न हो। लेकिन खबरों और वीडियो के मुताबिक, राज्यपाल ने उन निर्देशों पर ध्यान नहीं दिया और पिस्टल को चेहरे के बिल्कुल सामने रखकर ट्रिगर दबा दिया। अचानक हुई इस फायरिंग से पास खड़े अधिकारी और लोग झटके से पीछे हट गए और डर के मारे अपना चेहरा ढक लिया।
सोशल मीडिया पर छिड़ा 'पीआर बनाम अनुशासन' का विवाद
इस घटना का वीडियो आते ही एक्स पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। कुछ यूजर्स ने इसे 'पीआर जीवी' संस्कृति बताते हुए लिखा कि जब कैमरे के सामने इमेज बनाने का शौक अनुशासन पर हावी हो जाता है, तो ऐसे ही जोखिम भरे काम होते हैं। लोगों का कहना था कि भले ही यह एक 'स्टार्टिंग पिस्टल' थी जो जानलेवा नहीं होती, लेकिन राज्यपाल का यह व्यवहार उनकी 'अहंकारी कार्यशैली' को दिखाती है। विपक्षी समर्थकों ने इसे बीजेपी की 'पीआर-फर्स्ट' संस्कृति का हिस्सा बताया।