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Bengal SIR: बंगाल एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश से TMC गदगद, अभिषेक बनर्जी बोले- 'अदालत में उन्हें हराया, चुनाव में हम करारी शिकस्त देंगे'

West Bengal SIR: तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट की तरफ से चुनाव आयोग को गणना फॉर्म के संबंध में सोमवार (19 जनवरी) को दिए गए ताजा निर्देश को उनके मुंह पर दो करारे तमाचे करार दिया, जिन्होंने लोगों को मतदान के उनके मौलिक अधिकार से वंचित करने की कोशिश की

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jan 19, 2026 पर 7:05 PM
Bengal SIR: बंगाल एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट के नए निर्देश से TMC गदगद, अभिषेक बनर्जी बोले- 'अदालत में उन्हें हराया, चुनाव में हम करारी शिकस्त देंगे'
West Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर नया आदेश जारी किया है

West Bengal SIR: सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (19 जनवरी) को चुनाव आयोग (ECI) को पश्चिम बंगाल के ग्राम पंचायत भवनों, तालुका प्रखंड कार्यालयों और वार्ड ऑफिस में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट में शामिल लोगों के नाम जारी करने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि राज्य में 1.25 करोड़ मतदाता लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट में शामिल हैं। राज्य में 2002 की वोटर लिस्ट से संतानों के संबंध में लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी लिस्ट में माता-पिता के नाम का बेमेल होना और मतदाता एवं उनके माता-पिता के बीच आयु का अंतर 15 वर्ष से कम या 50 वर्ष से अधिक होना शामिल है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की तीन जजों की पीठ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए जारी SIR से प्रभावित होने की संभावना वाले लोगों को अपने दस्तावेज या आपत्तियां पेश करने की अनुमति दी जाए। शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि दस्तावेज और आपत्तियां पेश करने के लिए कार्यालय पंचायत भवनों या ब्लॉक दफ्तरों के भीतर स्थापित किए जाएंगे।

पीठ ने कहा, "राज्य सरकार पंचायत भवनों और प्रखंड कार्यालयों में तैनाती के लिए राज्य निर्वाचन आयोग को पर्याप्त श्रमशक्ति उपलब्ध कराएगी।" अदालत ने कहा, "इस संबंध में हम निर्देश देते हैं कि सुचारू कामकाज के लिए प्रत्येक जिला, ईसीआई या राज्य सरकार द्वारा कर्मचारियों के लिए जारी किए गए निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करे।"

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल के डीजीपी यह सुनिश्चित करने के लिए बाध्य होंगे कि कानून-व्यवस्था की कोई समस्या न हो और सभी गतिविधियां सुचारू रूप से पूरी हों। सर्वोच्च न्यायालय पश्चिम बंगाल में चल रही एसआईआर प्रक्रिया में मनमानी और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं के आरोपों से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था।

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