तृणमूल कांग्रेस (TMC) का संकट रविवार (14 जून) को उस वक्त और गहरा गया जब बागी सांसदों ने बेहद कम चर्चित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था का अनुरोध किया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर से आग्रह किया कि वह इस अलग हुए गुट को कोई मान्यता नहीं दें।
