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NCPI पार्टी का क्या है इतिहास? TMC के बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का किया ऐलान

नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) नई पार्टी है जिसकी औपचारिक शुरुआत 2023 में हुई। लंबे समय तक यह एक छोटी और कम चर्चित पार्टी रही। लेकिन 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के शामिल होने के बाद यह राष्ट्रीय राजनीति में अचानक महत्वपूर्ण चर्चा का विषय बन गई। वर्तमान में इसके प्रमुख नेता Uttiya Kundu माने जाते हैं

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jun 15, 2026 पर 9:34 AM
NCPI पार्टी का क्या है इतिहास? TMC के बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का किया ऐलान
TMC के बागी सांसदों ने एनसीपीआई में विलय का ऐलान किया है

तृणमूल कांग्रेस (TMC) का संकट रविवार (14 जून) को उस वक्त और गहरा गया जब बागी सांसदों ने बेहद कम चर्चित नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय की घोषणा कर दी। इतना ही नहीं, लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलकर सदन में अलग बैठने की व्यवस्था का अनुरोध किया है। वहीं, तृणमूल कांग्रेस संसदीय दल के नेता अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर से आग्रह किया कि वह इस अलग हुए गुट को कोई मान्यता नहीं दें।

लोकसभा सदस्य सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा कि बागी गुट असली तृणमूल कांग्रेस के तौर पर मान्यता पाने के लिए अदालत में भी लड़ाई लड़ेगा और पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपना दावा पेश करेगा। लोकसभा स्पीकर से मुलाकात के बाद बागी सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने बिरला को सौंपे गए लेटर पर हस्ताक्षर किए हैं।

बागी गुट के अनुसार, लोकसभा स्पीकर ने उन 20 सांसदों के हस्ताक्षर की पुष्टि की जिन्होंने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले धड़े के दावों के बारे में पूछे जाने पर बंदोपाध्याय ने कहा कि असली तृणमूल कांग्रेस कौन है, इसका फैसला अदालतें करेंगी।

बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर से मिलने से पहले केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से उनके घर पर मुलाकात की। यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब तृणमूल कांग्रेस नेता कीर्ति आजाद और सागरिका घोष ने भी रविवार को ओम बिरला से मुलाकात की।

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