प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्घाटन किए जाने के एक महीने से भी कम समय में ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) एक नए पेंच में फंस गया है। खबरों के मुताबिक, अब इस एयरपोर्ट पर कमर्शियल फ्लाइट्स शुरू होने में अभी और देरी हो सकती है, वजह है इसके विदेशी CEO को हटाकर उनकी जगह किसी भारतीय नागरिक को नियुक्त करना।
TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, गृह मंत्रालय ने उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें नियम बदलकर विदेशी नागरिकों को ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट्स का CEO बनने की अनुमति देने की बात कही गई थी। मौजूदा नियम साफ कहता है कि ऐसे एयरपोर्ट का प्रमुख भारतीय ही होना चाहिए। यह फैसला नागरिक उड्डयन मंत्रालय को भी बता दिया गया है।
अब तक NIA की कमान स्विस नागरिक क्रिस्टोफ श्नेलमैन के हाथ में थी, जो लंबे समय से भारत में काम कर रहे हैं और बेंगलुरु के केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के विकास में भी अहम भूमिका निभा चुके हैं। लेकिन अब नियम के चलते उन्हें हटाना पड़ सकता है, और जल्द ही किसी भारतीय CEO की नियुक्ति करनी होगी। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो एयरपोर्ट के शुरू होने में और देरी तय मानी जा रही है।
एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने कहा कि 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री की ओर से उद्घाटन होना उनके लिए गर्व की बात है। अभी एयरपोर्ट सुरक्षा मंजूरी (Aerodrome Security Programme) के लिए BCAS के साथ मिलकर काम कर रहा है, जो फ्लाइट शुरू होने से पहले जरूरी है।
हालांकि, इस नियम को लेकर एविएशन इंडस्ट्री के कई लोग नाराज हैं। उनका कहना है कि यह नियम बहुत पुराना है और आज के समय में फिट नहीं बैठता। पहले ज्यादातर एयरपोर्ट सेना के अधीन होते थे, इसलिए विदेशी CEO पर रोक समझ में आती थी। लेकिन अब जब प्राइवेट और कमर्शियल एयरपोर्ट बन रहे हैं, तो यह नियम बदलना चाहिए।
दिलचस्प बात ये है कि एयरलाइंस के CEO के लिए ऐसा कोई नियम नहीं है। जैसे IndiGo और Air India में विदेशी CEO रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सही सुरक्षा जांच के साथ विदेशी प्रोफेशनल्स को मौका देना चाहिए, ताकि भारत में निवेश भी बढ़े।
रिपोर्ट में एक पुराना मामला भी याद दिलाया गया है, जब 2022 में टाटा ग्रुप ने एयर इंडिया खरीदी थी और एक तुर्की के नागरिक को CEO बनाने की कोशिश की थी, लेकिन सुरक्षा मंजूरी न मिलने के कारण वह पद नहीं संभाल पाए। बाद में कंपनी को दूसरे विदेशी CEO को नियुक्त करना पड़ा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के बारे में ये बातें जानते हैं आप?
28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसके पहले फेज का उद्घाटन किया। यह सिर्फ एक एयरपोर्ट नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की नई पहचान और एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में से एक बनने की राह पर है।
यह भारत का पहला ऐसा एयरपोर्ट है जिसे 'Net-Zero Emissions' (शून्य उत्सर्जन) के लक्ष्य के साथ शुरू किया गया है। यहां सोलर एनर्जी, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और पर्यावरण के अनुकूल 'ग्रीन सीमेंट' (LC3) का इस्तेमाल किया गया है।