Hardeep Singh Puri: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को साफ-साफ बताया कि देश में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल सरकार के पास ऐसी कोई योजना नहीं है। यह बयान जनता में भ्रम दूर करने और सही जानकारी देने के लिए जारी किया गया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पुरी ने कहा, "वैश्विक स्थिति में लगातार बदलाव हो रहे हैं और हम ऊर्जा, सप्लाई चेन और आवश्यक वस्तुओं से जुड़ी घटनाओं पर वास्तविक समय के आधार पर बारीकी से नजर रख रहे हैं। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, हमारे नागरिकों के लिए ईंधन, ऊर्जा और अन्य जरूरी वस्तुओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हम उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं।"
उन्होंने कहा, “भारत ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद हमेशा लचीलापन दिखाया है, और हम समय पर, सक्रिय और समन्वित तरीके से काम करना जारी रखेंगे।”
भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह झूठी
हरदीप सिंह पुरी कहा, “भारत में लॉकडाउन की अफवाहें पूरी तरह से झूठी हैं। मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि भारत सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में, यह महत्वपूर्ण है कि हम शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। ऐसी स्थिति में अफवाहें फैलाना और दहशत पैदा करना गैर-जिम्मेदाराना और हानिकारक है।”
पुरी का यह बयान ऐसे समय में आया हैं जब वैश्विक तेल और गैस की कमी के चलते भारत में संभावित लॉकडाउन की अटकलें तेज हो गई हैं। साथ ही, लिक्विड पेट्रोलियम गैस (LPG) की आपूर्ति स्थिति को लेकर भी चिंताएं उभर रही हैं, जिसे 'चिंताजनक' बताया गया है।
इस हफ्ते की शुरुआत में, भारत सरकार ने देश में लॉकडाउन की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सार्वजनिक आवाजाही या आर्थिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने की कोई योजना नहीं है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों को व्यापक रूप से गलत समझा गया था।
हाल ही में संसद में प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में ‘तैयारी’ का जिक्र किया था, जिसके बाद से भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। ये भाषण पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके संभावित आर्थिक प्रभावों के संदर्भ में दिए गए थे।
इसके साथ ही, अफवाहें इस लिए बढ़ गईं क्योंकि 2020 के COVID-19 लॉकडाउन की छठवीं सालगिरह भी पास थी, जिससे लोग ऑनलाइन ज्यादा चिंता करने लगे। लेकिन सरकार ने साफ किया कि “COVID जैसी तैयारी” का मतलब सिर्फ सरकारी तैयारी और इमरजेंसी प्लान बनाने तक है, इसका मतलब यह नहीं कि लोगों को घर में ही रहना होगा या उनकी आवाजाही पर रोक लगेगी।