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North India Fog Accidents: सर्दियों के कोहरे में सड़कें बनी मौत का जाल, अलग-अलग स्थानों पर हुए कई बड़े हादसे

North India Fog Accidents: पिछले कुछ हफ्तों में, घने कोहरे और धुंध के कारण उत्तर भारत में कई दुर्घटनाएं हुईं: जैसे- मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर लगभग जीरो विजिबिलिटी के बीच हुई एक घातक बहु-वाहन दुर्घटना में 19 लोगों की जान चली गई।

Translated By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Dec 23, 2025 पर 10:09 AM
North India Fog Accidents: सर्दियों के कोहरे में सड़कें बनी मौत का जाल, अलग-अलग स्थानों पर हुए कई बड़े हादसे
सर्दियों के कोहरे में सड़कें बनी मौत का जाल, अलग-अलग स्थानों पर हुए कई बड़े हादसे

North India Fog Accidents: पिछले कुछ हफ्तों में, घने कोहरे और धुंध के कारण उत्तर भारत में कई दुर्घटनाएं हुईं: जैसे- मथुरा के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर लगभग जीरो विजिबिलिटी के बीच हुई एक घातक बहु-वाहन दुर्घटना में 19 लोगों की जान चली गई, हरियाणा के दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कोहरे के कारण हुई एक दुर्घटना में चार लोगों की मौत हो गई, और ग्रेटर नोएडा के पास ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर हुई एक दुर्घटना में कई यात्री घायल हो गए।

तेजी से भागती राष्ट्रीय राजधानी में, सुबह आमतौर पर हॉर्न की आवाज और तेज रोशनी के साथ शुरू होता है। लेकिन, सर्दियों की धुंध से शहर के ढके होने के कारण, सड़कें धूसर बादलों जैसी दिखती हैं और पैदल यात्री दूर से धुंधली परछाइयों के रूप में ही दिखाई देते हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, सुरक्षा संबंधी खतरे का मूल कारण चालकों द्वारा गति पर अपने नियंत्रण का अत्यधिक अनुमान लगाना है, विशेषकर तब जब वाहन चलते समय गहराई का अनुमान लगाने की क्षमता कम हो जाती है। गति चालक की दृश्य दृष्टि के अनुरूप होनी चाहिए और वाहन के खराब होने की स्थिति को छोड़कर किसी भी परिस्थिति में ओवरटेकिंग से बचना चाहिए। मोटर वाहन (ड्राइविंग) विनियम, 2017 के तहत, चालकों को सुरक्षित रूप से रुकने के लिए पर्याप्त दूरी बनाए रखनी चाहिए, और कोहरे जैसे प्रतिकूल मौसम में इस दूरी को बढ़ाना चाहिए।

पूर्व डिप्टी कमिश्नर ऑफ ट्रांसपोर्ट अनिल छिकारा ने अधिकारियों को सुझाव दिया कि खतरनाक सड़कों पर वेरिएबल मैसेज साइंस (VMS) लगाए जाएं और उनका पालन कराया जाए, साथ ही हैज़र्ड वार्निंग सिग्नल चालू रखे जाएं।

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