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लोकसभा में ही पास नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल, पक्ष में 298, विपक्ष में पड़े 230 वोट, दो-तिहाई बहुमत भी नहीं मिला

यह प्रस्ताव संविधान के अनुच्छेद 368 के अनुसार पास नहीं हुआ है, क्योंकि इसे सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी, जो नहीं मिला। इसलिए, इस संविधान संशोधन विधेयक पर आगे कोई कार्यवाही नहीं हो सकेगी

Shubham Sharmaअपडेटेड Apr 17, 2026 पर 8:23 PM
लोकसभा में ही पास नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल, पक्ष में 298, विपक्ष में पड़े 230 वोट, दो-तिहाई बहुमत भी नहीं मिला
लोकसभा में ही पास नहीं हुआ महिला आरक्षण बिल, दो-तिहाई बहुमत भी नहीं मिला

लोकसभा में नारी शक्ति वंदन बिल और परिसीमन बिन वोटिंग के बाद गिर गया। लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लिए कुल 528 मत डाले गए। इनमें से 298 मत विधेयक के पक्ष में और 230 मत इसके विरोध में पड़े। सत्ताधारी BJP के नेतृत्व वाला NDA गठबंधन इस बिल को पास कराने के लिए लोकसभा में दो तिहाई बहुमत यानी 368 वोट हासिल नहीं कर पाया।

लोकसभा में NDA के पास करीब 293 सीटें हैं, जबकि संविधान संशोधन बिल पास करने के लिए उसे सदन में दो तिहाई बहुमत जरूरी होता है।

लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा: “विभाजन के नतीजे, जिनमें सुधार हो सकता है, इस प्रकार हैं:

  • हां: 298
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