CISF Jobs Sarkari Naukri: सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने CISF में अगले पांच सालों में 58,000 नए जवानों की भर्ती को मंजूरी दे दी है। देश में तेजी से हो रहे आर्थिक विकास के साथ-साथ सीआईएसएफ की भी अहमियत बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए सरकार ने नई भर्ती जारी की है। केंद्र ने सीआईएसएफ में कर्मचारियों की संख्या में वृद्धि इसलिए की है। ताकि उन्हें एविएशन और बंदरगाह जैसे उभरते क्षेत्रों के अलावा नक्सली हिंसा से प्रभावित क्षेत्रों में मार्च 2026 के बाद स्थापित किए जाने वाले औद्योगिक केंद्रों की सुरक्षा के लिए तैनात किया जा सके।
अधिकारियों ने बताया कि 1969 में गठित CISF में कर्मियों की वास्तविक संख्या 2024 तक 1,62,000 थी। उन्होंने बताया कि 2024 में सीआईएसएफ में कुल 13,230 कर्मियों की नियुक्ति की गई। जबकि 2025 के अंत तक और 24,098 कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में एक पत्र लिखकर सुरक्षा बलों की सीमा को मौजूदा दो लाख कर्मियों से बढ़ाकर 2.20 लाख करने की अधिसूचना जारी की है।
उन्होंने बताया कि 2.20 लाख कर्मियों की स्वीकृत संख्या पर पहुंचने तक CISF में हर साल 14,000 कर्मियों की नियुक्ति किए जाने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, इस वृद्धि से एयरपोर्ट, बंदरगाहों, थर्मल पावर प्लांट, परमाणु प्रतिष्ठानों, पनबिजसी प्लांटों जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सीआईएसएफ की तैनाती बढ़ाने में मदद मिलेगी।
राष्ट्रपति ने 22 जुलाई 2025 को CISF कर्मियों की सीमा को 2 लाख से बढ़ाकर 2.2 लाख करने की मंजूरी दी है। अभी फोर्स में 1.62 लाख जवान हैं। बाकी 58,000 की जगह खाली है। यानी हर साल करीब 14,000 लोग भर्ती होंगे।
उन्होंने कहा कि नई मानवशक्ति का इस्तेमाल खास तौर पर नए औद्योगिक केंद्रों की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। इन्हें मार्च 2026 तक देश से वामपंथी उग्रवाद को समाप्त करने की केंद्र सरकार की घोषणा के मद्देनजर नक्सली हिंसा से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित किए जाने की संभावना है।
अधिकारियों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने सीआईएसएफ को एक ऐसी नीति लागू करने का भी निर्देश दिया है, जिससे निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों और सुविधाजनक ड्यूटी स्टेशनों में तैनात कर्मियों का नियमित रूप से तबादला सुनिश्चित हो। यह संगठन में पेशेवर रुख और अभियानगत लचीलापन विकसित करने के लिए अहम है।