Post-Retirement Jobs For Agniveers: भारतीय सेना से रिटायर होने वाले अग्निवीरों को फिर रोजगार से जोड़ने के लिए भारतीय रेलवे ने नई पहल की है। भारतीय सेना ने रेलवे के साथ हाथ मिलाया है, जिसके तहत सेना से रिटायर अग्निवीरों को ग्रुप डी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण दिया जाएगा। भारतीय रेलवे और भारतीय सेना ने एक "फ्रेमवर्क ऑफ कोऑपरेशन" शुरू किया है। इसका मकसद अग्निवीरों और सेना के जवानों के लिए सेवानिवृत्ति के बाद नौकरी के मौके बढ़ाना है, ताकि वे अपनी सिविलियन जिंदगी में आसानी से ढल सकें।
आर्मी और रेल मंत्रालय के वरिष्ठ नेतृत्व की अगुवाई में, इस पहल को सेना से सिविलियन जीवन में सहज बदलाव सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, इससे रेलवे में नौकरी की संभावनाओं के बारे में जागरूकता भी बढ़ेगी और रिटायर हो रहे जवानों की मदद के लिए एक डेडिकेटेड सपोर्ट सिस्टम बनेगा। चार साल के कार्यकाल के बाद सेना से निकलने वाले अग्निवीरों तथा सेवानिवृत सैनिकों के लिए यह अच्छी खबर है। अग्निवीरों के पहले बैच का कार्यकाल इस वर्ष समाप्त होने वाला है और इसे देखते हुए सेना और रेलवे की पहल से उन्हें कुछ राहत मिल सकती है।
पूर्व सैनिक और अग्निवीरों को मिलेगा आरक्षण
भूतपूर्व सैनिकों और पूर्व अग्निवीरों के लिए लेवल-1 और लेवल-2 या उससे ऊपर के पदों पर भर्ती के लिए आरक्षण के प्रावधान लागू किए हैं। पत्र में यह भी कहा गया है, 'लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 10% और लेवल-1 ( RRB Group D ) पदों में 20% आरक्षण का प्रावधान किया गया है, जबकि पूर्व-अग्निवीरों के लिए लेवल-2 और उससे ऊपर के पदों में 5% और लेवल-1 पदों में 10% आरक्षण निर्धारित किया गया है।' साल 2024 और 2025 में रेलवे द्वारा अधिसूचित रिक्तियों में भूतपूर्व सैनिकों के लिए 14,788 पद आरक्षित किए गए, जिनमें लेवल-1 के 6,485 पद और लेवल-2 और उससे ऊपर के 8,303 पद शामिल हैं।
पॉइंट्समैन के पदों पर भर्ती होंगे भूतपूर्व सैनिक
CAPF और दिल्ली पुलिस भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण
सरकार ने इसके अलावा पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार सुनिश्चित करने के लिए इससे पहले केंद्रीय पुलिस बलों की भर्ती में भी उनके लिए आरक्षण का प्रावधान किया है। पूर्व अग्निवीरों को दिल्ली पुलिस में सिपाही की भर्ती में भी 20% आरक्षण देने की घोषणा की गयी है। इसमें शारीरिक दक्षता परीक्षा से छूट और अधिकतम आयुसीमा में तीन वर्ष तक की छूट जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान भी शामिल हैं।