सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एसएससी (स्टाफ सलेक्शन कमिशन) ने स्टेनोग्राफर ग्रेड ‘C’ और ‘D’ परीक्षा 2025 के लिए परीक्षा केंद्र पाकिस्तान में दे दिया। पहले से ही परीक्षाओं में लापरवाही के आरोपों में घिरे आयोग के लिए ये एक बड़ा झटका साबित हो सकता है। हालांकि ‘एसएससीवाला’ इंस्टाग्राम हैंडल से जारी इस वीडियो पर आयोग की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है। वहीं, विशेषज्ञ इस दावे को संदिग्ध बता रहे हैं।
एसएससी ने स्टेनोग्राफर ग्रेड ‘C’ और ‘D’ परीक्षा 2025 का अयोजन 6 से 8 अगस्त के बीच देश के 85 शहरों में 157 केंद्रों पर किया। इसमें 3.5 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने हिस्सा लिया। SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र केवल भारत के नौ क्षेत्रों, उत्तरी क्षेत्र (NR), पश्चिमी क्षेत्र (WR), मध्य क्षेत्र (CR), पूर्वी क्षेत्र (ER), उत्तर-पूर्वी क्षेत्र (NER), दक्षिणी क्षेत्र (SR), कर्नाटक-केरल क्षेत्र (KKR), मध्य प्रदेश क्षेत्र (MPR) और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र (NWR) में ही आवंटित किए जाते हैं।
इंस्टाग्राम पर एसएससी का सेंटर पाकिस्तान में दिखाने वाला वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसे अब तक हजारों लोग देख चुके हैं। कोई इसे आयोग की लापरवाही कह रहा है, तो किसी को ये तकनीकी गलती नजर आ रही है। वहीं, कुछ यूजर्स ने इसे परीक्षा केंद्र अलॉट करने वाले ‘Eduquity’ सॉफ्टवेयर की विफलता करार दिया है। इसके साथ ही यूजर्स एसएससी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं और #SSCVendorFailure जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहा है।
‘एसएससीवाला’ इंस्टाग्राम हैंडल पर यूजर्स ने बड़े मजेदार कमेंट भी किए हैं। एक यूजर ने लिखा है, ‘अब तो सनी देओल को साथ लेकर जाना पड़ेगा’। एक अन्य यूजर ने कमेंट किया, ‘शायद एसएससी अखंड भारत में सेंटर दे रहा है।’ इसी तरह किसी ने लिखा है, ‘एसएससी वल्र्ड टूर के साथ पाकिस्तान से इंफॉर्मेशन निकालना चाहती है।’ कोई लिख रहा है, ‘अगली बार सेंटर लंदन में होगा’, तो किसी ने लिखा है, ‘बिहार में पाकिस्तान नाम का एक गांव है पुर्णिया जिले के श्रीनगर प्रखंड के सिंघिया पंचायत में आता है।’
एसएससी का परीक्षा केंद्र पाकिस्तान आवंटित होने का दावा विशेषज्ञों को अविश्वसनीय लगता है। उनका कहना है कि संभव है वायरल स्क्रीनशॉट में तकनीकी त्रुटि या फर्जी जानकारी हो। हैकर्स या लोग मजाक में फर्जी एडमिट कार्ड बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर देते हैं।