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वॉकिंग... स्विमिंग या HIIT, जानिए डॉक्टर ने किसे बताया सबसे अच्छा कार्डियो वर्कआउट

पैदल चलना, तैराकी और HIIT, ये सभी कार्डियोवैस्कुलर फिटनेस को बेहतर बना सकते हैं। लेकिन आपके लिए कौन सा सबसे अच्छा है? एक कार्डियोलॉजिस्ट हर कार्डियो वर्कआउट के फायदे और सही वर्कआउट चुनने का तरीका बताते हैं।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 17, 2026 पर 2:19 PM
वॉकिंग... स्विमिंग या HIIT, जानिए डॉक्टर ने किसे बताया सबसे अच्छा कार्डियो वर्कआउट
डॉक्टर के मुताबिक सबसे असरदार कार्डियो एक्सरसाइज़ वह है जिसे आप सुरक्षित रूप से, लगातार और मजे के साथ कर सकें।

जब लोग 'कार्डियो' शब्द सुनते हैं, तो अक्सर सबसे पहले दौड़ने (रनिंग) का ख्याल आता है। लेकिन कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस बेहतर करने के लिए आपको दौड़ने की ज़रूरत नहीं है। पैदल चलना, तैराकी और हाई-इंटेन्सिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) - ये सभी असरदार कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट हो सकते हैं और हर एक के अपने अलग-अलग फ़ायदे हैं।

फर्स्ट पोस्ट के मुताबिक बेंगलुरू के महादेवपुरा स्थित KIMS हॉस्पिटल्स में कार्डियोलॉजी के डायरेक्टर और लीड कंसल्टेंट डॉ. दीपक कृष्णमूर्ति के अनुसार, कार्डियो का सबसे अच्छा तरीका जरूरी नहीं कि सबसे जयादा जोरदार वाला ही हो। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, "सबसे असरदार कार्डियो एक्सरसाइज़ वह है जिसे आप सुरक्षित रूप से, लगातार और मजे के साथ कर सकें। दौड़ना एक बेहतरीन कार्डियोवैस्कुलर एक्सरसाइज है, लेकिन यह निश्चित रूप से एकमात्र विकल्प नहीं है। अगर पैदल चलना, तैराकी और HIIT को नियमित एक्सरसाइज़ रूटीन में सही ढंग से शामिल किया जाए, तो ये सभी कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस को बेहतर बना सकते हैं।"

पैदल चलना- आसान, असरदार और जोड़ों के लिए सुरक्षित

जो लोग लंबे समय से कोई शारीरिक गतिविधि नहीं कर रहे हैं, उनके लिए रोजाना की दिनचर्या में कार्डियो एक्सरसाइज़ शामिल करने का सबसे आसान तरीका तेज चलना (ब्रिस्क वॉकिंग) हो सकता है। डॉ. कृष्णमूर्ति कहते हैं, "पैदल चलने को अक्सर कम आंका जाता है क्योंकि यह बहुत आसान है, लेकिन नियमित रूप से तेज चलने से कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस में काफ़ी सुधार हो सकता है। यह खास तौर पर बुज़ुर्गों, शुरुआत करने वालों और लंबे ब्रेक के बाद दोबारा एक्सरसाइज़ शुरू करने वाले लोगों के लिए फ़ायदेमंद है।"

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