जब लोग 'कार्डियो' शब्द सुनते हैं, तो अक्सर सबसे पहले दौड़ने (रनिंग) का ख्याल आता है। लेकिन कार्डियोवैस्कुलर फ़िटनेस बेहतर करने के लिए आपको दौड़ने की ज़रूरत नहीं है। पैदल चलना, तैराकी और हाई-इंटेन्सिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) - ये सभी असरदार कार्डियोवैस्कुलर वर्कआउट हो सकते हैं और हर एक के अपने अलग-अलग फ़ायदे हैं।
