कूलर से बदबू आ रही है? जानिए सफाई के आसान और असरदार तरीके
How to remove smell from air cooler: जिन लोगों के पास एसी नहीं होता, वे गर्मियों में कूलर पर ही निर्भर रहते हैं। लगातार चलने से कूलर की घास और टैंक में नमी बनी रहती है। सही सफाई न करने पर इसमें बैक्टीरिया पनपते हैं और सड़ी मछली जैसी बदबू आने लगती है। इस परेशानी से बचने के लिए इन 8 आसान और असरदार टिप्स को जरूर अपनाएं
How to remove smell from air cooler:
कूलर के पानी में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं, जिससे दुर्गंध पैदा होती है।
गर्मी जैसे-जैसे अपने चरम पर पहुंचती है, वैसे-वैसे घरों में ठंडक पाने के जुगाड़ तेज हो जाते हैं। हर किसी के पास एसी नहीं होता, ऐसे में एयर कूलर ही सबसे भरोसेमंद साथी बन जाता है। लेकिन सोचिए, जब यही कूलर राहत देने की बजाय कमरे में अजीब और सड़ी हुई बदबू फैलाने लगे, तो परेशानी कितनी बढ़ जाती है। कई बार यह गंध इतनी तेज होती है कि कुछ मिनट बैठना भी मुश्किल हो जाता है और ठंडी हवा भी बेकार लगने लगती है। दरअसल, यह समस्या अचानक नहीं होती, बल्कि धीरे-धीरे पनपती है। कूलर के टैंक में जमा गंदा पानी, बैक्टीरिया, काई और लंबे समय से न बदले गए कूलिंग पैड इसकी मुख्य वजह बनते हैं।
लापरवाही के कारण कूलर अंदर ही अंदर गंदगी का घर बन जाता है। अच्छी बात यह है कि कुछ आसान और रोजमर्रा के उपाय अपनाकर इस बदबू को पूरी तरह खत्म किया जा सकता है और कूलर की हवा को फिर से ताजा बनाया जा सकता है।
टैंक की सफाई से शुरू करें समाधान
कई लोग कूलर का पानी खत्म होने पर उसी में नया पानी भर देते हैं। यही आदत बदबू की सबसे बड़ी वजह बनती है। पुराने पानी में धूल, कीटाणु और गंदगी जमा हो जाती है, जिससे टैंक से सड़ी हुई गंध आने लगती है। इसलिए सबसे पहले पुराने पानी को पूरी तरह निकालें और टैंक को साफ कपड़े से अच्छी तरह पोंछें। इसके बाद ही ताजा पानी भरें।
ब्रश और सिरके से करें गहराई वाली सफाई
सिर्फ पानी बदलना ही काफी नहीं है। कूलर के टैंक की अंदरूनी सफाई भी जरूरी है। पानी निकालने के बाद ब्रश की मदद से टैंक को रगड़कर साफ करें। सफाई के लिए एक बाल्टी पानी में थोड़ा ब्लीच या सिरका मिलाकर टैंक धोएं। इससे जमी हुई गंदगी और बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं और बदबू दूर हो जाती है।
कूलिंग पैड की हालत पर रखें नजर
कूलर की घास या कूलिंग पैड लगातार गीले रहने के कारण जल्दी खराब हो जाते हैं। इनमें काई जमने लगती है और यही बदबू का कारण बनती है। अगर पैड बहुत पुराने हो गए हैं तो उन्हें बदल देना बेहतर है। साथ ही बीच-बीच में इन्हें धूप में सुखाते रहें ताकि नमी खत्म हो सके।
पंप और पाइप की सफाई भी है जरूरी
अक्सर लोग सिर्फ टैंक साफ करते हैं लेकिन पंप और पाइप की सफाई भूल जाते हैं। पंप में कचरा या काई जमने से पानी का प्रवाह प्रभावित होता है और दुर्गंध आने लगती है। इसलिए समय-समय पर पंप और पाइप की जांच करें और उनमें जमी गंदगी को साफ करें।
ताजा पानी देगा ताजी हवा
अगर आप चाहते हैं कि कूलर से हमेशा ठंडी और फ्रेश हवा आए, तो दिन में कम से कम एक या दो बार पानी जरूर बदलें। सुबह ताजा पानी भरें और शाम को भी पानी बदल दें। अगर रोज़ दो बार संभव न हो, तो कम से कम दो दिन में एक बार पानी बदलना जरूरी है।
एंटी-बैक्टीरियल उपाय अपनाएं
कूलर के पानी में बैक्टीरिया जल्दी पनपते हैं, जिससे दुर्गंध पैदा होती है। इससे बचने के लिए पानी में थोड़ा फिनाइल या एंटी-बैक्टीरियल टैबलेट डाल सकते हैं। ये बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकते हैं और कूलर की हवा को ताजा बनाए रखते हैं।
बंद करने से पहले टैंक को सूखा छोड़ें
अगर कूलर कुछ समय के लिए बंद करना है, तो टैंक का पानी निकालकर उसे सूखा छोड़ें। पानी भरा रहने से टैंक में बदबू जल्दी बनती है। सूखा टैंक बैक्टीरिया और फफूंदी को पनपने से रोकता है।
सही वेंटिलेशन से भी घटती है बदबू
कूलर को हमेशा ऐसे कमरे में चलाना चाहिए जहां हवा का आना-जाना बना रहे। बंद कमरे में कूलर चलाने से नमी बढ़ती है और बदबू तेज हो जाती है। इसलिए खिड़की थोड़ी खुली रखें ताकि हवा का प्रवाह बना रहे और कमरे में ताजगी बनी रहे।
छोटी सी देखभाल से मिलेगी खुशबूदार ठंडक
अगर कूलर की नियमित सफाई और पानी बदलने की आदत बना ली जाए, तो बदबू की समस्या आसानी से दूर हो सकती है। थोड़ी सी देखभाल आपके कूलर को लंबे समय तक साफ रखेगी और आपको गर्मी में ताजगी भरी ठंडी हवा देती रहेगी।