गर्मियों का सीजन शुरू होते ही बाजारों में पीले और रसीले होने का दावा करने वाले आमों की बहार आ गई है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस आम को देखकर आपके मुंह में पानी आ रहा है वे आपकी सेहत के लिए मीठा जहर भी हो सकता हैं? मुनाफे के चक्कर में कई कारोबारी आमों को प्राकृतिक तरीके के बजाय कैल्शियम कार्बाइड जैसे खतरनाक रसायनों से पका रहे हैं। ऐसे में आप असली और मिलावटी आम की पहचान कैसे करें? इस विषय पर हमारे सहयोगी लोकल 18 चैनल से जय प्रभा मेदांता अस्पताल की जानी-मानी डायटिशियन प्रिया दुबे ने कुछ खास टिप्स और ट्रिक्स साझा किए हैं, जिनसे आप अपनी और अपने परिवार की सेहत बचा सकते हैं।
डायटिशियन प्रिया दुबे के मुताबिक सीजन की शुरुआत में मिलने वाले आमों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। ज्यादातर मामलों में इन्हें समय से पहले पकाने के लिए कैल्शियम कार्बाइड का उपयोग किया जाता है। इसमें आर्सेनिक और फॉस्फोरस जैसे घातक तत्व होते हैं।
सेहत पर क्या होता है असर?
कार्बाइड से पके आम खाने से तत्काल रूप से अपच, उल्टी और पेट संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। अगर लंबे समय तक ऐसे आमों का सेवन किया जाए, तो यह गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है।
खरीदते समय इन 3 बातों का रखें ध्यान
रंग का धोखा: कार्बाइड से पका आम ऊपर से पूरी तरह एकसमान पीला दिखेगा। प्राकृतिक रूप से पका आम कहीं से हरा और कहीं से पीला (मिश्रित रंग) नजर आता है।
गंध से पहचान: प्राकृतिक आम में एक भीनी खुशबू होती है, जबकि केमिकल से पके आम से हल्की तीखी या केमिकल जैसी गंध आ सकती है।
सीजन का इंतजार: डायटिशियन सलाह देती हैं कि सीजन के बिल्कुल शुरुआती दिनों में आम खरीदने से बचें। कुछ दिन रुककर आम खरीदना ज्यादा सुरक्षित होता है।
घर पर करें पानी वाला टेस्ट (Water Bucket Trick)
प्रिया दुबे ने एक बहुत ही आसान तरीका बताया है जिससे आप घर बैठे पता लगा सकते हैं कि आम कैसा है:
एक बाल्टी या गहरे बर्तन में पानी भरें और उसमें आम डालें। जो आम प्राकृतिक रूप से पका होगा, वह भारी होने के कारण पानी में डूब जाएगा। अगर आम पानी की सतह पर तैरने लगे, तो समझ जाइये कि उसे केमिकल से पकाया गया है।
खतरे को कम करने के लिए अपनाएं ये तरीके
अगर आपने आम खरीद लिया है, तो उसे सीधे खाने के बजाय इन स्टेप्स को फॉलो करें। आम को कम से कम दो घंटे तक साफ पानी या एल्कलाइन वॉटर में डुबोकर रखें। एक लीटर पानी में एक चम्मच बेकिंग सोडा या चार चम्मच विनेगर मिलाकर आम को एक घंटे के लिए छोड़ दें। इसके बाद उसे रगड़कर धोएं। केमिकल का सबसे ज्यादा असर छिलके पर होता है, इसलिए हमेशा आम का छिलका पूरी तरह हटाकर ही उसका सेवन करें। आम स्वाद और सेहत का खजाना है, लेकिन आपकी थोड़ी सी जागरूकता इसे सुरक्षित बना सकती है। अगली बार आम खरीदते समय सिर्फ उसकी चमक न देखें, बल्कि डायटिशियन के बताए इन ट्रिक्स को जरूर आजमाएं।