
1. अटेंशन और साथ की चाह
कई बार बच्चा बोर होने की बात इसलिए कहता है क्योंकि वह आपके साथ समय बिताना चाहता है। हो सकता है उसे समझ न आ रहा हो कि अकेले क्या करे या वह चाहता हो कि आप उसके साथ बैठें और कुछ करें। ऐसे में ‘मैं बोर हो रहा हूं’ कहना उसके लिए आपकी तरफ ध्यान दिलाने का एक आसान तरीका हो सकता है।
2. अधूरी नींद और भूख का सिग्नल
छोटे बच्चे हमेशा यह समझ नहीं पाते कि उन्हें असल में क्या महसूस हो रहा है। कई बार भूख लगने, नींद आने या बहुत ज्यादा थक जाने पर भी वे कह सकते हैं कि उन्हें बोरियत हो रही है। अगर बच्चा चिड़चिड़ा है या किसी काम में मन नहीं लगा रहा, तो पहले देखें कि उसने समय पर खाना खाया है या उसे आराम की जरूरत तो नहीं है।
3. डेली रूटीन से ब्रेक और चैलेंज
बच्चों को लगातार एक जैसे काम करने में जल्दी बोरियत हो सकती है। उनका मन कुछ नया देखने, सीखने या करने का कर सकता है। बच्चा रोज एक ही तरह के खेल या रूटीन में रहता है, तो उसे बदलाव की जरूरत महसूस हो सकती है और वह इसे ‘बोरियत’ के रूप में बता सकता है।
4. हमेशा एंटरटेनमेंट की हैबिट होना
बच्चे को हर खाली समय में टीवी, मोबाइल, गेम या कोई न कोई एक्टिविटी मिलती रहती है, तो उसे बिना किसी एंटरटेनमेंट के समय बिताना मुश्किल लग सकता है। ऐसे बच्चे अकेले बैठकर खुद कोई खेल या काम ढूंढने के बजाय जल्दी कह देते हैं कि वे बोर हो रहे हैं। धीरे-धीरे उन्हें खाली समय में खुद कुछ करने की आदत डालना जरूरी है।
बच्चा बोर हो तो करें ये काम:
1. बच्चे की फीलिंग को समझें
बच्चा जब बोर होने की बात करे तो तुरंत यह न कहें कि ‘जाओ, खुद कुछ करो।’ पहले उसकी बात सुनें और उसकी फीलिंग को समझने की कोशिश करें। आप उससे प्यार से कह सकते हैं, ‘हां, कभी-कभी बोर होना अच्छा नहीं लगता। चलो देखते हैं तुम क्या करना चाहोगे।’ इससे बच्चे को लगेगा कि आप उसकी बात समझ रहे हैं।
2. प्रॉब्लम का सॉल्यूशन खुद सोचने दें
बच्चे के बोर होते ही उसे मोबाइल, टीवी या नया खिलौना देने की जरूरत नहीं है। उससे खुले सवाल पूछें, जैसे ‘जब तुम पिछली बार बोर हुए थे, तब तुमने क्या किया था’ या ‘अभी तुम्हारा मन क्या करने का है’ इससे बच्चा खुद ऑप्शन के बारे में सोचना सीखेगा और धीरे-धीरे अपनी बोरियत दूर करने के तरीके खोज पाएगा।
3. फ्री टाइम का यूटिलाइज करना बताएं
बोरियत को हमेशा परेशानी की तरह देखने के बजाय बच्चे को इसे क्रिएटिव टाइम की तरह इस्तेमाल करना सिखाएं। आप उसे अपने साथ घर के छोटे कामों में शामिल कर सकते हैं, जैसे पौधों में पानी देना, सामान व्यवस्थित करना या किचन में कोई आसान काम करना। इसके अलावा ड्रॉइंग, कहानी बनाना, किताब पढ़ना या अपनी पसंद का कोई खेल खेलने के लिए भी तैयार कर सकते हैं।
बच्चे का बार-बार बोर होना हमेशा चिंता की बात नहीं है। सही तरीके से समझने पर यही बोरियत उसे खुद से कुछ नया सोचने, खेलने और सीखने का मौका दे सकती है। पैरेंट्स का थोड़ा धैर्य और सही मार्गदर्शन बच्चे को धीरे-धीरे अपने खाली समय को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना सिखा सकता है।
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