Cleaning Tips: सेहत के लिए फायदेमंद है मटका, बस रोजाना यूं रखें इसकी सफाई का ध्यान

Cleaning Tips: मिट्टी के घड़े का पानी सेहत के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन उसकी सफाई का ध्यान रखना भी जरूरी है। अगर घड़ा गंदा रहेगा, तो उसका असर आपकी सेहत पर पड़ सकता है। यहां कुछ आसान उपाय दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप अपने घड़े को हर दिन आसानी से साफ रख सकते हैं

अपडेटेड May 18, 2025 पर 10:57 AM
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Cleaning Tips: मिट्टी के बर्तन अगर लंबे समय तक साफ न किए जाएं, तो उनमें बैक्टीरिया और फफूंद पनप सकते हैं।

गर्मियों में ठंडा पानी हर किसी की पहली पसंद होता है। आज भले ही अधिकतर घरों में रेफ्रिजरेटर मौजूद हैं, लेकिन मिट्टी के मटके का पानी आज भी लोगों की पहली पसंद बना हुआ है। इसका कारण सिर्फ इसका नेचुरल ठंडापन ही नहीं, बल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं। मटके का पानी पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और गर्मी में लू से भी बचाव करता है। साथ ही ये हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करता है।

लेकिन अगर मटके की सफाई सही तरीके से न की जाए, तो इसमें फफूंद या बैक्टीरिया पनप सकते हैं, जिससे स्वास्थ्य को नुकसान हो सकता है। इसलिए मटके की नियमित सफाई और पानी को रोजाना बदलना जरूरी है। सही देखभाल के साथ मटके का पानी न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि सेहतमंद भी होता है।

मटका क्यों है फ्रिज से बेहतर?


मिस्र के हेल्थ जर्नल और भारत के राष्ट्रीय पोषण संस्थान द्वारा किए गए अध्ययन बताते हैं कि मिट्टी के बर्तनों में रखा पानी प्लास्टिक की बोतलों या कंटेनरों की तुलना में ज्यादा स्वच्छ होता है। मिट्टी में मौजूद छोटे-छोटे छिद्र पानी को स्वाभाविक रूप से ठंडा रखते हैं और ये पानी शरीर को प्राकृतिक ठंडक प्रदान करता है।

मटके का पानी

इम्युनिटी बढ़ाए: मटके का पानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाता है।

पाचन दुरुस्त करे: इससे अपच, एसिडिटी और कब्ज में राहत मिलती है।

सर्दी-जुकाम से सुरक्षा: जिन लोगों को बार-बार सर्दी-खांसी होती है, उनके लिए ये रामबाण है।

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करे: ये हाई बीपी को संतुलित करने में मदद करता है।

कोलेस्ट्रॉल कम करे: मटका शरीर से खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मददगार है।

गर्मी में लू से बचाए: शरीर को ठंडक देकर लू से सुरक्षा करता है।

दिल को बनाए मजबूत: इससे हार्ट अटैक की आशंका भी कम हो सकती है।

त्वचा को दे चमक: त्वचा संबंधी समस्याएं कम होती हैं और त्वचा दमकने लगती है।

मटके की सफाई: नजरअंदाज न करें

मिट्टी के बर्तन अगर लंबे समय तक साफ न किए जाएं, तो उनमें बैक्टीरिया और फफूंद पनप सकते हैं। इससे पानी दूषित हो सकता है और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए नियमित सफाई बेहद जरूरी है।

मटका कैसे साफ करें?

मटके को खाली करके उसका बाहरी हिस्सा स्पंज या मुलायम कपड़े से साफ करें।

अंदर की सफाई के लिए हाथों की बजाय ब्रश या सॉफ्ट कपड़े का इस्तेमाल करें।

नींबू का रस, सिरका, नमक और बेकिंग सोडा मिलाकर एक मिश्रण बनाएं और उसे अंदर रगड़ें।

नींबू के छिलके और रस को पानी में उबालकर मटके में डालें, फिर ठंडा पानी डालकर धो लें।

मटका धोने के बाद उसे कुछ देर धूप में जरूर रखें, ताकि नमी हटे और फफूंद न पनपे।

पानी कब बदलें?

मटके में रखा पानी रोजाना बदलना जरूरी है। 2-3 दिन तक एक ही पानी रखने से उसमें कीटाणु विकसित हो सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।

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