सर्दियों के मौसम में अक्सर देखा जाता है कि कुछ लोग कम कपड़े पहनकर भी आराम से रहते हैं, जबकि कुछ लोग जैकेट, शॉल या ऊनी कपड़े पहनने के बावजूद ठिठुरते रहते हैं। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘कोल्ड इनटॉलेरेंस’ कहा जाता है। ये समस्या किसी भी उम्र या लिंग के व्यक्ति में हो सकती है। केवल ठंड के मौसम में तापमान कम होने के कारण ही ऐसा नहीं होता, बल्कि इसके पीछे शरीर में खून की कमी, थायराइड हार्मोन की असंतुलन जैसी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे लोग पूरे मौसम में अक्सर कांपते रहते हैं, हाथ-पांव ठंडे रहते हैं और अंग सुन्नपन का अनुभव कर सकते हैं।
अगर इसे नजरअंदाज किया जाए तो ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का संकेत भी हो सकता है। इसलिए समय पर इस समस्या को पहचानना और डॉक्टर की सलाह से इलाज कराना बेहद जरूरी है। ये न केवल ठंड से राहत दिलाता है, बल्कि स्वास्थ्य को भी सुरक्षित रखता है।
अगर शरीर में खून की कमी है, यानी एनीमिया है, तो शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या कम हो जाती है। ऐसे में शरीर पर्याप्त ऊर्जा और गर्मी नहीं बना पाता, जिससे अत्यधिक ठंड लगती है। एनीमिया होने पर अक्सर थकान, कमजोरी और हाथ-पांव का ठंडा रहना जैसी समस्या दिखाई देती है।
थायराइड हार्मोन की कमी (हाइपोथायरायडिज्म)
थायराइड हार्मोन की कमी होने पर भी कोल्ड इनटॉलेरेंस हो सकता है। इसे हाइपोथायरायडिज्म कहा जाता है। इस बीमारी में आमतौर पर जीवन भर दवा लेनी पड़ती है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। शुरुआती लक्षणों में अत्यधिक थकान, रूखी-बेजान त्वचा, कमजोर याददाश्त और वजन में तेजी से बदलाव शामिल हैं।
समय पर पहचान और इलाज जरूरी
अगर आप पर्याप्त गर्म कपड़े पहनने के बावजूद लगातार ठंड महसूस कर रहे हैं, हाथ-पांव सुन्न या ठंडे रहते हैं, तो इसे हल्के में न लें। समय पर डॉक्टर से जांच कराना और सही इलाज लेना आवश्यक है।