सर्दियों में ठंड से बचने के लिए लोग रजाई या कंबल में लिपटकर सोना पसंद करते हैं। हालांकि, क्या आप जानते हैं कि रजाई या कंबल के अंदर मुंह ढककर सोना आपकी सेहत और त्वचा के लिए हानिकारक साबित हो सकता है? डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि जब हम ऐसा करते हैं, तो रजाई या कंबल में जमा धूल, पसीना और बैक्टीरिया सीधे हमारी त्वचा और शरीर के संपर्क में आ जाते हैं। इससे न सिर्फ कील-मुंहासे और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, बल्कि सांस लेने और नींद की गुणवत्ता पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। लंबे समय तक इस आदत को अपनाने से फेफड़े, दिल और मेटाबॉलिज्म पर भी दुष्प्रभाव पड़ सकता है।
इसलिए सर्दियों में गर्म रहने के लिए रजाई का इस्तेमाल तो करें, लेकिन मुंह ढककर सोने से बचें। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि इस आदत से शरीर और त्वचा को किस तरह के नुकसान हो सकते हैं।
रजाई या कंबल में मुंह ढकने से आसपास की हवा में ऑक्सीजन की मात्रा घट जाती है और कार्बन डाइऑक्साइड बढ़ जाती है। इसका असर सांस लेने पर पड़ता है और थकान, सिरदर्द या बेचैनी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। लंबे समय तक ये आदत दिल और फेफड़ों पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
मुंह ढककर सोने से रेस्पिरेटरी सिस्टम प्रभावित होता है। इससे अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही यह हमारी नींद की क्वालिटी पर भी असर डालता है और रात में बार-बार जागने की समस्या उत्पन्न कर सकता है।
3) त्वचा में संक्रमण का खतरा
रजाई या कंबल में पसीना जमा हो जाता है, जिससे बैक्टीरिया और फंगस पनप सकते हैं। इससे त्वचा में खुजली, लालिमा, दाने और कील-मुंहासे जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
मुंह ढककर सोने से स्लीपिंग शेड्यूल प्रभावित होता है। नींद उथली हो जाती है और सुबह उठने पर थकान महसूस होती है।
रजाई में मुंह ढककर सोने से शरीर का तापमान बढ़ सकता है, जिससे हाइपरथर्मिया (शरीर का अत्यधिक गर्म होना) होने का खतरा बढ़ जाता है।
रजाई में मुंह ढककर सोने से ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। शरीर के अंगों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिससे विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
इस आदत से फेफड़ों में हवा का सही आदान-प्रदान नहीं हो पाता, जिससे फेफड़े सिकुड़ सकते हैं। इससे सिरदर्द, अस्थमा और कभी-कभी डिमेंशिया जैसी गंभीर समस्याएं भी हो सकती हैं।
ऑक्सीजन की कमी के कारण दिल पर दबाव बढ़ जाता है। लगातार मुंह ढककर सोने से हार्ट अटैक का रिस्क भी बढ़ सकता है।
कुछ रिसर्च में ये पाया गया है कि रजाई में मुंह ढककर सोने से मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ सकता है। धीमी मेटाबॉलिज्म से शरीर में कैलोरी बर्न कम होती है, जिससे वजन बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है।
10) झुर्रियों और त्वचा संबंधी समस्याएं
मुंह ढकने से त्वचा को ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे रंगत फीकी पड़ सकती है और झुर्रियों का खतरा बढ़ सकता है।