दीपावली की रौनक तभी पूरी लगती है जब घर का हर कोना साफ-सुथरा और चमकदार हो। दीयों की रोशनी में हर वस्तु दमक उठती है, पर क्या आपने ध्यान दिया है कि अक्सर घर का सबसे पवित्र कोना यानी मंदिर सफाई की लिस्ट में सबसे अंत में आता है? दीवारों पर तेल और धुएं के निशान, देवी-देवताओं के फोटो पर जमी हल्की धूल, और पुराने फ्रेम की फीकी चमक... ये सब उस पवित्र स्थान की शांति को कहीं न कहीं कम कर देते हैं। इस बार अगर आप चाहते हैं कि दीपों के साथ आपका पूजा घर भी नई रोशनी से भर जाए, तो बस थोड़ी सी मेहनत और सही तरीका अपनाने की जरूरत है। कुछ आसान घरेलू उपायों से आप अपने मंदिर को इतना साफ-सुथरा और सुगंधित बना सकते हैं कि उसकी दिव्यता आपके पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा बिखेर देगी।
मंदिर की मूर्तियों और फोटो फ्रेम की सफाई की शुरुआत सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से करें। ये कपड़ा धूल को खींच लेता है और फोटो पर स्क्रैच नहीं आने देता। ध्यान रखें ज्यादा जोर से न रगड़ें, वरना फोटो या फ्रेम को नुकसान हो सकता है।
अगर मंदिर की दीवारों या फ्रेम पर तेल या धुएं के निशान हैं, तो एक कटोरी पानी में एक चम्मच सिरका मिलाकर हल्का स्प्रे करें। अब मुलायम कपड़े से धीरे-धीरे पोंछें। कांच तुरंत चमक उठेगा!
लेकिन अगर फ्रेम लकड़ी या सुनहरे रंग का है, तो सिरका लगाने से पहले एक कोने पर टेस्ट जरूर करें।
कोनों की गहराई में फंसी धूल
मूर्तियों या फ्रेम के डिजाइन वाले हिस्सों में धूल जम जाती है। ऐसे में एक पुराना टूथब्रश या कॉटन स्वैब लें और हल्के हाथों से साफ करें। इससे बारीक हिस्सों में फंसी धूल आसानी से निकल जाएगी और फ्रेम नए जैसे दिखेंगे।
अगर आपके मंदिर में लकड़ी के फ्रेम या बॉर्डर हैं, तो थोड़ी-सी नींबू तेल या ऑलिव ऑयल लेकर कपड़े पर लगाएं और हल्के से रगड़ें। इससे लकड़ी में नैचुरल चमक आ जाएगी और उसमें एक हल्की-सी खुशबू भी बनी रहेगी।
दीपक, अगरबत्ती और कपूर की वजह से दीवारों पर धुआं जम जाता है। इसलिए हफ्ते में एक बार गीले कपड़े से फोटो और दीवारों को पोंछें। इससे धूल और कालिख जमा नहीं होगी और पूजा घर में हमेशा ताजगी बनी रहेगी।
अगर आपके मंदिर में कांच वाले फोटो फ्रेम हैं, तो ग्लास क्लीनर सबसे आसान उपाय है। लेकिन याद रखें स्प्रे सीधे फोटो पर नहीं, पहले कपड़े पर करें। इससे नमी फोटो में नहीं जाएगी और फोटो लंबे समय तक सुरक्षित रहेंगे।
शुभ दिन पर करें मंदिर की सफाई
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवार, गुरुवार या शनिवार को मंदिर की सफाई करना बेहद शुभ माना जाता है। माना जाता है कि स्वच्छ मंदिर से घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि का प्रवाह होता है।