रिलेशनशिप की शुरुआत एक खास जादू से भरी होती है। इस दौर में सब कुछ नया, रोमांचक और बेहद खूबसूरत लगता है। इसे ही हनीमून फेज या गोल्डन पीरियड कहा जाता है, जब पार्टनर की छोटी-छोटी बातें भी दिल को सुकून देती हैं और कमियां भी नजरअंदाज हो जाती हैं। हर मुलाकात, हर मैसेज और हर बातचीत में एक अलग ही खुशी महसूस होती है। इस समय रिश्ते में अपनापन, भरोसा और उम्मीदें अपने चरम पर होती हैं। लेकिन वक्त के साथ जैसे-जैसे रिश्ता आगे बढ़ता है, भावनाओं की चमक थोड़ी शांत होने लगती है। रोजमर्रा की ज़िंदगी, जिम्मेदारियां और अलग-अलग सोच रिश्ते को नए मोड़ पर ले आती हैं।
तब धीरे-धीरे इंसान अपने पार्टनर को ज्यादा गहराई से समझने लगता है। यही वह समय होता है जब रिश्ते की असली तस्वीर सामने आने लगती है। कुछ बातें मजबूत बनाती हैं, तो कुछ ऐसी भी होती हैं जिन्हें समझना और पहचानना बेहद जरूरी हो जाता है।
नजरअंदाज किए जाने वाले खतरनाक संकेत
समय के साथ कुछ ऐसे व्यवहार दिखने लगते हैं, जिन्हें हम प्यार या केयर समझकर अनदेखा कर देते हैं। जबकि हकीकत में ये रिश्ते के रेड फ्लैग्स होते हैं, जो आगे चलकर भावनात्मक परेशानी की वजह बन सकते हैं।
शुरुआत में अगर कोई आपको हद से ज्यादा अटेंशन, महंगे गिफ्ट्स और बड़े-बड़े वादों से घेर ले, तो सतर्क हो जाना चाहिए। यह व्यवहार लव बॉम्बिंग कहलाता है। अक्सर ऐसा प्यार बाद में कंट्रोल और दबाव में बदल जाता है, और एक समय बाद अचानक गायब भी हो सकता है।
बाउंड्रीज का धीरे-धीरे टूटना
शुरुआत में सवाल पूछना केयर लग सकता है, लेकिन जब पार्टनर आपके कपड़ों, दोस्तों या फैसलों में जरूरत से ज्यादा दखल देने लगे, तो यह चिंता का संकेत है। फोन चेक करना या पासवर्ड मांगना आपकी पर्सनल स्पेस खत्म करने की शुरुआत हो सकती है।
जब पार्टनर अपनी कही बातों से मुकर जाए और आपको ही गलत साबित करने लगे, तो यह गैसलाइटिंग है। इससे इंसान अपने आत्मविश्वास और समझ पर शक करने लगता है, जो रिश्ते को मानसिक रूप से नुकसान पहुंचाता है।
हर झगड़े में खुद को पीड़ित दिखाना
टॉक्सिक पार्टनर कभी अपनी गलती नहीं मानते। हर बहस में वे खुद को विक्टिम दिखाकर आपको ही दोषी ठहरा देते हैं, जिससे आप हर बार माफी मांगने पर मजबूर हो जाते हैं।
आपकी सफलता से जलन महसूस करना
जहां सच्चा साथी आपकी कामयाबी पर खुश होता है, वहीं छिपा हुआ रेड फ्लैग तब दिखता है जब आपकी तरक्की उन्हें असहज कर दे। ताने मारना या आपकी उपलब्धियों को कम आंकना रिश्ते में कड़वाहट भर देता है।