बरसात के मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर फूड पॉइजनिंग का। इस समय वातावरण में नमी और गंदगी बढ़ने के साथ-साथ पानी के स्रोत भी आसानी से दूषित हो जाते हैं। नदियों, झीलों और समुद्री पानी में मौजूद प्रदूषण सीधे तौर पर जलीय जीवन पर असर डालता है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव मछलियों और समुद्री भोजन की गुणवत्ता पर देखा जाता है। दूषित पानी में रहने वाली मछलियां कई तरह के हानिकारक तत्व अपने शरीर में जमा कर सकती हैं, जो आगे चलकर इंसानों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बन जाते हैं। इसलिए मानसून के दौरान खानपान को लेकर अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, ताकि संक्रमण और बीमारियों से बचा जा सके।
