Get App

Monsoon Fish Alert: इन 5 मछलियों में छिपे हो सकते हैं जहरीले तत्व, किडनी और हार्ट पर पड़ सकता है असर

Monsoon Fish Alert: बरसात के मौसम में फूड पॉइज़निंग और संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। इस दौरान पानी और पर्यावरण के दूषित होने से मछलियों की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। नदियों और समुद्र में मौजूद प्रदूषण मछलियों के शरीर में हानिकारक तत्व जमा कर सकता है, जो इंसानों के लिए नुकसानदायक हो सकते हैं

Edited By: Anchal Jhaअपडेटेड Jun 28, 2026 पर 11:11 AM
Monsoon Fish Alert: इन 5 मछलियों में छिपे हो सकते हैं जहरीले तत्व, किडनी और हार्ट पर पड़ सकता है असर
पारा मछलियों की मांसपेशियों में जमा हो जाता है, जो इंसान खाते हैं।

बरसात के मौसम में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, खासकर फूड पॉइजनिंग का। इस समय वातावरण में नमी और गंदगी बढ़ने के साथ-साथ पानी के स्रोत भी आसानी से दूषित हो जाते हैं। नदियों, झीलों और समुद्री पानी में मौजूद प्रदूषण सीधे तौर पर जलीय जीवन पर असर डालता है। इसका सबसे बड़ा प्रभाव मछलियों और समुद्री भोजन की गुणवत्ता पर देखा जाता है। दूषित पानी में रहने वाली मछलियां कई तरह के हानिकारक तत्व अपने शरीर में जमा कर सकती हैं, जो आगे चलकर इंसानों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम बन जाते हैं। इसलिए मानसून के दौरान खानपान को लेकर अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, ताकि संक्रमण और बीमारियों से बचा जा सके।

पानी में घुलते हैं खतरनाक धातु तत्व

औद्योगिक कचरे, खनन और प्रदूषण की वजह से पानी में पारा (Mercury), सीसा (Lead) और कैडमियम जैसी भारी धातुएं मिल जाती हैं। मछलियां इन्हें अपने गलफड़ों, पानी और छोटे जीवों के जरिए शरीर में ले लेती हैं।

खाने की चेन से बढ़ता है खतरा

सब समाचार

+ और भी पढ़ें