क्या आप जानते हैं कि पुराने ज़माने में बाल धोना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता था? लोग अपने बालों की देखभाल के लिए प्राकृतिक चीजों का सहारा लेते थे, जैसे नमक, भालू की चर्बी, जौ की रोटी आदि। बाल बहुत कम धोए जाते थे और कभी-कभी बकरी के दूध की चाय, लाल जड़, विलो रूट या एल्म की छाल से हल्के तरीके से साफ किया जाता था। ये सिर्फ स्वच्छता का सवाल नहीं था, बल्कि उस समय का लाइफस्टाइल और सुंदरता का पैटर्न भी था। 18वीं सदी में विग्स का चलन बढ़ने से महिलाएं पानी से बाल धोने लगीं, और यहीं से शुरू हुई ‘शैम्पू की शुरूआत’।
