One District One Cuisine: गोरखपुर के लिट्टी-चोखा और 'गार्लिक समोसा' का दुनिया में है डंका, जानिए बाबा गोरखनाथ की नगरी के इन चटखारेदार जायकों की कहानी
One District One Cuisine: गोरखपुर का लिट्टी-चोखा अपनी पारंपरिक सोंधी महक और सत्तू के बेमिसाल स्वाद के लिए जाना जाता है, जबकि यहां का अनोखा गार्लिक समोसा अपने तीखे लहसुनिया तड़के के कारण शहर की नई पहचान बन चुका है।
गोरखपुर केवल अपनी आध्यात्मिक विरासत और टेराकोटा शिल्प के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेमिसाल स्ट्रीट फूड के लिए भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला, एक कुजीन' (ODOC) योजना के तहत गोरखपुर के लिट्टी-चोखा और यहां के अनोखे गार्लिक समोसा (लहसुनिया समोसा) को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिल रही है।
गोरखपुर का लिट्टी-चोखा
बिहार से सटा होने के कारण गोरखपुर में लिट्टी-चोखा केवल भोजन नहीं, बल्कि एक भावना है। लेकिन यहां की लिट्टी की अपनी एक अलग पहचान है। इसे कोयले या उपलों (कंडे) की आग पर धीमी आंच में सेका जाता है, जिससे इसमें मिट्टी की सोंधी खुशबू बस जाती है।
*खासियत: सत्तू के अंदर अजवाइन, कलौंजी, अदरक और सरसों तेल का तीखा मिश्रण इसे खास बनाता है। इसके साथ परोसा जाने वाला बैंगन-आलू का 'चोखा' और तीखी हरी चटनी किसी का भी दिन बना सकती है।
गार्लिक समोसा:
गोरखपुर के गोलघर और टाउनहॉल की गलियों से निकला 'गार्लिक समोसा' आज शहर की सिग्नेचर डिश बन चुका है। सामान्य आलू के समोसे से इतर, इसमें लहसुन का एक जबरदस्त तड़का होता है जो इसे एक अलग ही लेवल पर ले जाता है।
क्यों है खास?
इसके भरावन (Stuffing) में पिसे हुए लहसुन और खास मसालों का इस्तेमाल होता है, जो तलने के बाद एक ऐसी खुशबू छोड़ते हैं कि दूर से ही किसी की भी भूख बढ़ जाए। ODOC के तहत इसकी बेहतर पैकेजिंग और फ्रोजन फॉर्मेट पर काम किया जा रहा है ताकि इसे बाहर के शहरों में भी भेजा जा सके।
* लिट्टी के लिए: गेहूं का आटा (2 कप), सत्तू (1 कप), अजवाइन, मंगरैल (कलौंजी), अदरक-मिर्च का पेस्ट, सरसों तेल, और नींबू का रस।
* चोखा के लिए: बड़ा बैंगन (1), उबले आलू (2), टमाटर (2), बारीक कटा लहसुन, हरी मिर्च और कच्चा सरसों तेल।
बनाने की विधि:
1. भरावन (Sattu Stuffing): सत्तू में बारीक कटा लहसुन, अदरक, हरी मिर्च, धनिया पत्ती, सरसों तेल, नींबू का रस और नमक मिलाकर तैयार कर लें।
2. लिट्टी बनाना: आटे की लोई बनाकर उसमें सत्तू का मिश्रण भरें और गोल आकार दें। इसे पारंपरिक रूप से कंडे की आग पर या ओवन में 200°C पर सुनहरा होने तक सेकें।
3. चोखा तैयार करना: बैंगन और टमाटर को भून लें। फिर इनके छिलके उतारकर मैश किए हुए आलू के साथ मिलाएं। ऊपर से कच्चा सरसों तेल, नमक और लहसुन-मिर्च डालें।
4. परोसना: गरमा-गरम लिट्टी को देसी घी में डुबोएं और चोखे के साथ सर्व करें।
रेसिपी: गोरखपुर का मशहूर गार्लिक समोसा (Garlic Samosa Recipe)
मुख्य सामग्री:
* मैदा (2 कप), अजवाइन, मोयन के लिए घी।
* स्टफिंग: उबले आलू, ढेर सारा बारीक कुटा हुआ लहसुन (कम से कम 2 बड़े चम्मच), हरी मिर्च, अमचूर पाउडर, और गरम मसाला।
बनाने की विधि:
1. तड़का: कढ़ाई में तेल गरम करें, इसमें जीरा और प्रचुर मात्रा में कुटा हुआ लहसुन डालें। लहसुन को हल्का सुनहरा होने तक भूनें।
2. मसाला: अब इसमें उबले आलू और बाकी मसाले डालकर अच्छी तरह भून लें। लहसुन की खुशबू आलू में पूरी तरह रच-बस जानी चाहिए।
3. फिलिंग: मैदे की पट्टी बेलकर उसमें यह लहसुनिया आलू भरें और समोसे का आकार दें।
4. फ्राई: मध्यम आंच पर समोसों को सुनहरा और कुरकुरा होने तक तलें। इसे पुदीने की चटनी के साथ परोसें।
प्रो टिप: गार्लिक समोसे का असली स्वाद तब आता है जब आप स्टफिंग में लहसुन को पेस्ट की जगह दरदरा कूट कर डालें। इससे हर बाइट में लहसुन का क्रंच महसूस होता है।