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One District One Cuisine: गोरखपुर के लिट्टी-चोखा और 'गार्लिक समोसा' का दुनिया में है डंका, जानिए बाबा गोरखनाथ की नगरी के इन चटखारेदार जायकों की कहानी

One District One Cuisine: गोरखपुर का लिट्टी-चोखा अपनी पारंपरिक सोंधी महक और सत्तू के बेमिसाल स्वाद के लिए जाना जाता है, जबकि यहां का अनोखा गार्लिक समोसा अपने तीखे लहसुनिया तड़के के कारण शहर की नई पहचान बन चुका है।

Shradha Tulsyanअपडेटेड May 11, 2026 पर 7:00 AM
One District One Cuisine: गोरखपुर के लिट्टी-चोखा और 'गार्लिक समोसा' का दुनिया में है डंका, जानिए बाबा गोरखनाथ की नगरी के इन चटखारेदार जायकों की कहानी

गोरखपुर केवल अपनी आध्यात्मिक विरासत और टेराकोटा शिल्प के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेमिसाल स्ट्रीट फूड के लिए भी जाना जाता है। उत्तर प्रदेश सरकार की 'एक जिला, एक कुजीन' (ODOC) योजना के तहत गोरखपुर के लिट्टी-चोखा और यहां के अनोखे गार्लिक समोसा (लहसुनिया समोसा) को अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिल रही है।

गोरखपुर का लिट्टी-चोखा

बिहार से सटा होने के कारण गोरखपुर में लिट्टी-चोखा केवल भोजन नहीं, बल्कि एक भावना है। लेकिन यहां की लिट्टी की अपनी एक अलग पहचान है। इसे कोयले या उपलों (कंडे) की आग पर धीमी आंच में सेका जाता है, जिससे इसमें मिट्टी की सोंधी खुशबू बस जाती है।

*खासियत: सत्तू के अंदर अजवाइन, कलौंजी, अदरक और सरसों तेल का तीखा मिश्रण इसे खास बनाता है। इसके साथ परोसा जाने वाला बैंगन-आलू का 'चोखा' और तीखी हरी चटनी किसी का भी दिन बना सकती है।

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