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इन 7 पैरेंटिंग आदतों से कमजोर पड़ सकता है बच्चे का कॉन्फिडेंस, आज ही बदलें

हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा कॉंफिडेंट बने, अपनी बात खुलकर कहे और मुश्किल हालात में डरे नहीं। इसके लिए सिर्फ अच्छी बातें सिखाना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ ऐसी आदतों को छोड़ना भी जरूरी है जो अनजाने में बच्चे का सेल्फ-कॉफिडेंस कम कर सकती हैं। बच्चों को समझने और उन्हें अपनी गलतियों से सीखने का मौका देने से उनकी पर्सनालिटी ज्यादा मजबूत बन सकती है।

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 07, 2026 पर 4:20 PM
इन 7 पैरेंटिंग आदतों से कमजोर पड़ सकता है बच्चे का कॉन्फिडेंस, आज ही बदलें

 बच्चे का सेल्फ-कॉन्फिडेंस होना सिर्फ उसके अच्छे नंबरों से नहीं बल्कि घर का माहौल और माता-पिता का बिहेवियर भी उसके पर्सनालिटी पर गहरा असर डालता है। कई बार हम बच्चे की मदद करने या उसे बेहतर बनाने की कोशिश में अनजाने में ऐसी आदतें अपना लेते हैं, जो उसे खुद पर भरोसा करने से रोक सकती हैं। यदि आप चाहते हैं कि आपका बच्चा आगे चलकर अपने फैसले खुद ले और मुश्किल सिचुएशन में भी हिम्मत बनाए रखे, तो कुछ पैरेंटिंग आदतें बहुत जरूरी है।

1. गलतियों पर डांट नहीं, सही रास्ता दिखाएं

बच्चे से गलती होना बहुत नॉर्मल है। यदि हर छोटी गलती पर उसे डांटा या बार-बार उसकी कमी निकली जाए, तो बच्चा धीरे-धीरे गलती करने से डरने लगेगा। उसे लगेगा कि गलती करते ही उसे डांट पड़ेगी। ऐसे में वह नई चीजें सीखने और खुद से कोशिश करने से भी बच सकता है। इसलिए गलती होने पर पहले उसे समझाएं कि क्या गलत हुआ और अगली बार इसे कैसे अच्छा किया जा सकता है।

2. ओवर-प्रोटेक्टिव होने से बचें

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