सर्दियों का मौसम आते ही आग के पास बैठकर मूंगफली खाने का मजा ही कुछ और होता है। ठंडी हवा में गरमागरम मूंगफली हाथ में हो, तो सर्दी भी कम लगने लगती है। इसी वजह से मूंगफली को लोग प्यार से गरीबों का बादाम भी कहते हैं। आमतौर पर हम मूंगफली खाते वक्त उसके छिलकों को बेकार समझकर फेंक देते हैं, लेकिन असल में यही छिलके अपने आप में एक छोटा सा खजाना हैं। इनमें ऐसे पोषक तत्व छिपे होते हैं, जो सेहत और स्किन दोनों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं। खासकर सर्दियों में जब होंठ फटने लगते हैं, एड़ियां रूखी हो जाती हैं और त्वचा बेजान दिखने लगती है, तब मूंगफली के छिलके बड़े काम आ सकते हैं।
इनमें मौजूद प्रोटीन, हेल्दी फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को अंदर से मजबूती देने के साथ-साथ बाहरी देखभाल में भी मदद करते हैं। यही वजह है कि आजकल लोग मूंगफली के छिलकों के फायदों की ओर भी ध्यान देने लगे हैं।
मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन E, B6, आयरन, जिंक, पोटैशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कई पोषक तत्व मौजूद हैं। ये बादाम की तरह फायदेमंद है, लेकिन कीमत में सस्ती होती है। सर्दियों में मूंगफली का सेवन शरीर को गर्म रखता है और एनर्जी भी बढ़ाता है।
होंठ और एड़ियों के लिए उपाय
फटी एड़ियों और फटे होंठों से परेशान लोगों के लिए मूंगफली के छिलके रामबाण साबित हो सकते हैं। इसे पाउडर बनाकर आधे गिलास पानी में मिलाएं और पेस्ट तैयार करें। रोजाना होंठ और एड़ियों पर लगाने से सिर्फ एक हफ्ते में ही राहत मिलती है।
मूंगफली के छिलके एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद रेस्वेराट्रोल और पॉलीफेनॉल शरीर को ऑक्सीडेटिव तनाव और सूजन से बचाते हैं। इसके अलावा ये इम्यूनिटी बढ़ाने में भी मददगार हैं।
मूंगफली की तासीर गर्म होती है। यही कारण है कि सर्दियों में इसका सेवन बहुत फायदेमंद होता है। ये शरीर के अंदर की ठंड को दूर करता है और शरीर को प्राकृतिक रूप से गर्म रखता है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें।