Sunscreen Tips: सनस्क्रीन खरीदने से पहले जान लें ये बातें, वरना हो सकता है बड़ा नुकसान

Guide to Choosing Sunscreen : सही सनस्क्रीन का चुनाव स्किन की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है। खरीदते समय अगर कुछ जरूरी बातों का ध्यान न रखा जाए, तो यह फायदे की बजाय नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए सनस्क्रीन लेते वक्त इसकी सामग्री, SPF स्तर और स्किन टाइप के अनुसार चयन पर ध्यान देना बेहद ज़रूरी होता है

अपडेटेड Apr 26, 2025 पर 11:51 AM
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Guide to Choosing Sunscreen : किसी भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की तरह सनस्क्रीन की एक्सपायरी डेट चेक करना जरूरी है।

गर्मियों का मौसम आते ही सूरज की किरणें तेज हो जाती हैं, जो हमारी त्वचा के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। UV किरणें त्वचा की गहराई तक पहुंचकर टैनिंग, पिगमेंटेशन, समय से पहले झुर्रियां और यहां तक कि स्किन कैंसर जैसी समस्याएं भी पैदा कर सकती हैं। ऐसे में त्वचा की सुरक्षा के लिए सनस्क्रीन का इस्तेमाल बेहद ज़रूरी हो जाता है। लेकिन केवल सनस्क्रीन लगाना ही काफी नहीं है, बल्कि सही सनस्क्रीन का चुनाव करना भी उतना ही अहम है। हर स्किन टाइप की अपनी अलग ज़रूरत होती है, और अगर आप बिना सोचे-समझे कोई भी सनस्क्रीन इस्तेमाल करते हैं, तो इसका उल्टा असर भी देखने को मिल सकता है।

सही SPF, ब्रॉड स्पेक्ट्रम प्रोटेक्शन और एक्टिव इंग्रेडिएंट्स को ध्यान में रखकर सनस्क्रीन चुनना आपकी त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ और सुरक्षित बनाए रखने में मदद करता है। आइए जानते हैं सनस्क्रीन खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

  1. SPF का सही चुनाव करें

SPF यानी सन प्रोटेक्शन फैक्टर ये तय करता है कि आपका सनस्क्रीन UVB किरणों से कितनी देर तक सुरक्षा देता है। रोज़ाना के इस्तेमाल के लिए SPF 30 पर्याप्त होता है, लेकिन अगर आपको लंबे समय तक धूप में रहना पड़ता है, तो SPF 50 या उससे अधिक का विकल्प बेहतर रहेगा।

  1. ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन है बेस्ट


ब्रॉड स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा देता है। UVA त्वचा को बूढ़ा बनाते हैं, जबकि UVB जलन और सनबर्न का कारण बनते हैं। इन दोनों के कारण स्किन कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है, इसलिए ब्रॉड स्पेक्ट्रम वाला प्रोडक्ट ही चुनें।

  1. अपनी स्किन टाइप को समझें

हर स्किन के लिए एक ही तरह का सनस्क्रीन सही नहीं होता। ऑयली स्किन वालों के लिए जेल-बेस्ड या वॉटर-बेस्ड सनस्क्रीन उपयुक्त होते हैं, जबकि ड्राई स्किन वालों को क्रीम या मॉइस्चराइजिंग बेस्ड विकल्प चुनना चाहिए।

  1. एक्टिव इंग्रेडिएंट्स को करें चेक

सनस्क्रीन में मौजूद एक्टिव इंग्रेडिएंट्स जैसे जिंक ऑक्साइड और टाइटेनियम डाइऑक्साइड को प्राथमिकता दें, खासकर अगर आपकी त्वचा संवेदनशील है। इनसे स्किन को राहत मिलती है, जबकि अत्यधिक केमिकल वाले प्रोडक्ट्स एलर्जी या जलन का कारण बन सकते हैं।

  1. एक्सपायरी डेट देखना न भूलें

किसी भी कॉस्मेटिक प्रोडक्ट की तरह सनस्क्रीन की एक्सपायरी डेट चेक करना जरूरी है। एक्सपायर्ड सनस्क्रीन लगाने से त्वचा को न केवल कोई लाभ नहीं होता बल्कि रिएक्शन भी हो सकता है।

  1. गलत सनस्क्रीन से हो सकते हैं ये नुकसान

अगर आप अपनी त्वचा के अनुसार सही सनस्क्रीन नहीं चुनते हैं, तो इससे त्वचा पर कई तरह की समस्याएं हो सकती हैं, जैसे—

रैशेज और जलन

पिगमेंटेशन की समस्या

स्किन कैंसर का खतरा

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