मिट्टी का घड़ा खरीदते समय इन 5 संकेतों को करें चेक, तभी मिलेगा असली फायदा

Tips to buy good clay pot: घड़ा खरीदते समय अपनी जरूरत के अनुसार उसका आकार चुनें।अगर मिट्टी का मटका ठीक तरह से पकाया न गया हो या उसकी मिट्टी में मिलावट हो, तो वह पानी को प्राकृतिक तरीके से ठंडा नहीं कर पाता और उसमें जरूरी मिनरल्स भी नहीं घुलते। इसलिए बाजार से मटका खरीदते समय समझदारी जरूरी है, ताकि आप ऐसा शुद्ध देसी ‘नेचुरल फ्रिज’ चुन सकें जो लंबे समय तक टिके और पानी को ठंडा व स्वादिष्ट बनाए रखे

अपडेटेड Mar 07, 2026 पर 8:33 AM
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Tips to buy good clay pot: घड़ा खरीदते समय अपनी जरूरत के अनुसार उसका आकार चुनें। घड़ा खरीदते समय अपनी जरूरत के अनुसार उसका आकार चुनें।

तपती गर्मियों में फ्रिज का बर्फ जैसा ठंडा पानी भले ही तुरंत राहत दे देता हो, लेकिन अक्सर यह प्यास को पूरी तरह शांत नहीं कर पाता। इसके विपरीत मिट्टी के घड़े का पानी प्राकृतिक रूप से ठंडा और स्वाद में मीठा लगता है। यही वजह है कि जैसे ही गर्मी बढ़ती है, बाजारों में घड़े की मांग बढ़ जाती है। दरअसल, एक अच्छा मटका सिर्फ पानी रखने का बर्तन नहीं बल्कि सेहत और स्वाद दोनों का भरोसेमंद साथी होता है। अगर मटका सही तरह से पकी हुई मिट्टी से नहीं बना हो या उसमें मिलावट हो, तो वो पानी को प्राकृतिक तरीके से ठंडा भी नहीं कर पाएगा।

साथ ही मिट्टी के जरूरी मिनरल्स भी पानी में नहीं घुल पाएंगे। इसलिए घड़ा खरीदते समय थोड़ी समझदारी बेहद जरूरी होती है। आइए जानते हैं कि एक अच्छा मिट्टी का घड़ा चुनते समय किन बातों पर ध्यान देना चाहिए।

  1. मटके की बनावट और फिनिशिंग पर दें खास ध्यान

घड़ा खरीदते समय सबसे पहले उसकी बनावट को ध्यान से देखें। मटके को चारों तरफ से हाथ लगाकर जांचें कि कहीं उसमें दरार, चटकन या बहुत ज्यादा खुरदरापन तो नहीं है। साथ ही यह भी देखें कि मटका हर तरफ से एकसमान मोटाई का हो। अगर कहीं पतला और कहीं मोटा है, तो उसके जल्दी टूटने की संभावना बढ़ जाती है। मजबूत और संतुलित बनावट वाला मटका ही लंबे समय तक चलता है।

  1. रंग से समझें मिट्टी की शुद्धता


मटका खरीदते समय उसके रंग पर जरूर ध्यान दें। हल्का लाल, भूरा या बादामी रंग प्राकृतिक मिट्टी का संकेत होता है। बहुत ज्यादा चमकीले या गहरे लाल रंग के मटकों से बचना बेहतर है, क्योंकि कई बार इनमें केमिकल रंग या पॉलिश का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा मटका पानी को सही तरीके से ठंडा नहीं कर पाता।

  1. आवाज से करें मजबूती की पहचान

मटका जांचने का एक बेहद पुराना और आसान तरीका उसकी आवाज से पहचान करना है। मटके को हल्के से उंगली से ठकठकाकर देखें। अगर ‘टन-टन’ जैसी साफ और हल्की धातु जैसी आवाज सुनाई दे, तो समझ लें कि मिट्टी अच्छी तरह पकी हुई है और मटका मजबूत है। लेकिन अगर ‘भप-भप’ जैसी भारी आवाज आए, तो यह संकेत हो सकता है कि मटका कच्चा है या उसमें महीन दरार है।

  1. प्राकृतिक छिद्र ही करते हैं पानी को ठंडा

मिट्टी के घड़े में पानी ठंडा होने की प्रक्रिया वाष्पीकरण के कारण होती है। इसके लिए जरूरी है कि मटके की सतह पर बहुत बारीक छिद्र हों, जिनसे हल्का-सा पानी बाहर निकलकर हवा के संपर्क में आए। यही प्रक्रिया पानी को ठंडा करती है। अगर मटका बहुत ज्यादा पॉलिश या पेंट किया हुआ हो, तो ये छिद्र बंद हो जाते हैं और पानी ठंडा नहीं हो पाता।

  1. आकार और ढक्कन भी है जरूरी

घड़ा खरीदते समय अपनी जरूरत के अनुसार उसका आकार चुनें। साथ ही यह भी ध्यान रखें कि उसका मुंह इतना चौड़ा हो कि अंदर से आसानी से सफाई की जा सके। मटके के साथ मिट्टी का ढक्कन जरूर लें, क्योंकि यह पानी को साफ रखने के साथ-साथ उसके तापमान को भी संतुलित बनाए रखता है।

मटका खरीदते समय ये अतिरिक्त टिप्स भी रखें याद

अगर आप ज्यादा स्वच्छता पसंद करते हैं, तो नल वाला मटका खरीदना बेहतर विकल्प हो सकता है। इससे पानी निकालने के लिए बार-बार हाथ अंदर डालने की जरूरत नहीं पड़ती।

घर लाने के बाद मटके को सीधे इस्तेमाल न करें। पहले उसे लगभग 24 घंटे तक सादे पानी में भिगोकर रखें और फिर उस पानी को फेंक दें। इसके बाद ही पीने का पानी भरें।

सफाई के लिए कभी भी साबुन या डिटर्जेंट का उपयोग न करें, क्योंकि मिट्टी इन्हें सोख लेती है। मटके को साफ करने के लिए गर्म पानी और मुलायम कपड़े का इस्तेमाल करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

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