
जिम में कार्डियो के लिए कई मशीनें होती हैं और हर मशीन का वर्कआउट करने का तरीका अलग होता है। सही मशीन पर आपको अपनी कैपेसिटी के हिसाब से एक्सरसाइज करने से कैलोरी बर्न बढ़ाने और फिटनेस सुधारने में मदद मिल सकती है। रिसर्च में भी ट्रेडमिल, स्टेयर क्लाइंबर और एलिप्टिकल जैसी मशीनों को अच्छे कार्डियो ऑप्शन में शामिल किया गया है।
वेट लॉस के सफर में सिर्फ मशीन पर पसीना बहाना ही काफी नहीं है। रेगुलर कार्डियो के साथ रोज की फिजिकल एक्टिविटी, बैलेंस खान-पान और लगातार वर्कआउट करना भी जरूरी है। यदि आप वर्कआउट के लिए जिम में बेस्ट मशीन के बारे में जानना चाहते है है, तो एक्सपर्ट की रैंकिंग के हिसाब से ट्रेडमिल से लेकर एयर बाइक तक इन मशीनों को आसान तरीके से समझ सकते है।
वेट लॉस के लिए ट्रेडमिल को बेस्ट कार्डियो मशीनों में से एक मानी जाती है। इस पर अपनी कैपेसिटी के हिसाब से वॉकिंग या रनिंग की जा सकती है। यदि सामान्य वॉक के साथ कभी-कभी इंक्लाइन मोड का इस्तेमाल किया जाए, तो वर्कआउट थोड़ा ज्यादा कठिन हो जाता है और कैलोरी बर्न करने में मदद मिल सकती है। जो लोग शुरुआत कर रहे हैं, वे पहले धीमी स्पीड से वॉक करके धीरे-धीरे समय और स्पीड बढ़ा सकते हैं। रेगुलर ट्रेडमिल पर वॉक करना फिटनेस और स्टैमिना बढ़ाने के लिए भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
एलिप्टिकल मशीन (Elliptical Machine)
वेट लॉस के लिए एलिप्टिकल मशीन भी एक अच्छा ऑप्शन है। इस मशीन पर पैरों के साथ हाथों को भी चलाना पड़ता है, जिससे शरीर के ऊपरी और निचले हिस्से दोनों का वर्कआउट हो सकता है। ट्रेडमिल पर दौड़ने की तुलना में इसमें पैरों और घुटनों पर कम झटका पड़ता है, इसलिए जो लोग हाई-इंपैक्ट एक्सरसाइज से बचना चाहते हैं, उनके लिए यह सुटेबल हो सकती है। अपनी कैपेसिटी के हिसाब से स्पीड और रेजिस्टेंस बढ़ाकर वर्कआउट को धीरे-धीरे बढ़ाया जा सकता है। रेगुलर इस्तेमाल से कैलोरी बर्न करने और शरीर को एक्टिव रखने में मदद मिल सकती है।
स्टेशनरी बाइक (Stationary Bike)
स्टेशनरी बाइक देखने में सामान्य साइकिल जैसी होती है और इसे घर या जिम दोनों जगह इस्तेमाल किया जा सकता है। यह पर उन लोगों के लिए अच्छा ऑप्शन है जो धीरे-धीरे कार्डियो की शुरुआत करना चाहते हैं। इस मशीन पर पैरों और लोअर बॉडी की मसल्स काम करती हैं। इसकी स्पीड और रेजिस्टेंस को अपनी फिटनेस के अनुसार सेट किया जा सकता है, इसलिए शुरुआत में हल्के लेवल से शुरू करना आसान रहता है।
रोइंग मशीन को फुल-बॉडी कार्डियो के लिए अच्छा माना जाता है। इसे चलाते समय पैरों, हाथों, कंधों और शरीर के बीच वाले हिस्से की मसल्स एक साथ काम करती हैं। इस वजह से कम समय में पूरे शरीर को एक्टिव करने वाला वर्कआउट मिल सकता है। लेकिन इस मशीन पर सही पोश्चर और टेक्निक रखना बहुत जरूरी है। गलत तरीके से रोइंग करने पर कमर के निचले हिस्से पर ज्यादा प्रेशर पड़ सकता है। इसलिए शुरुआत में किसी ट्रेनर से इसे इस्तेमाल का तरीका सीखना चाहिए।
एयर बाइक (Air Bike)
एयर बाइक को असॉल्ट बाइक भी कहा जाता है। इसमें पैडल के साथ हाथों को भी आगे-पीछे चलाना पड़ता है, इसलिए शरीर को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। यह मशीन हाई-इंटेंसिटी वर्कआउट के लिए इस्तेमाल की जाती है और कम समय में शरीर को अच्छी तरह एक्टिव कर सकती है। जो लोग अभी कार्डियो शुरू कर रहे हैं, वे पहले आसान मशीनों से अपनी फिटनेस और स्टैमिना बढ़ा सकते हैं और बाद में एयर बाइक पर वर्कआउट कर सकते हैं।
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