बाल हटाने के लिए वैक्सिंग और शेविंग दो सबसे आम तरीके हैं, और अक्सर लोग ये तय नहीं कर पाते कि उनके लिए कौन सा बेहतर है। दोनों ही तरीकों से त्वचा स्मूद और साफ दिखती है, लेकिन इनके काम करने का तरीका और असर अलग-अलग होता है। शेविंग में बाल सिर्फ ऊपर से कटते हैं, इसलिए ये जल्दी और आसान तरीका माना जाता है, लेकिन इसका असर कम समय तक रहता है। वहीं वैक्सिंग में बाल जड़ से हटाए जाते हैं, जिससे स्किन ज्यादा समय तक स्मूद रहती है। हालांकि इसमें थोड़ी तकलीफ और समय ज्यादा लग सकता है।
सही तरीका चुनना आपकी स्किन टाइप, दर्द सहने की क्षमता, समय और सुविधा पर निर्भर करता है। अगर कोई जल्दी रिजल्ट चाहता है तो शेविंग बेहतर हो सकती है, जबकि लंबे समय तक स्मूद स्किन के लिए वैक्सिंग को ज्यादा असरदार माना जाता है।
शेविंग में रेजर की मदद से बालों को ऊपर से काटा जाता है। ये तरीका बहुत तेज और आसान होता है, इसलिए लोग इसे घर पर ही आराम से कर लेते हैं। इसका असर तुरंत दिखता है, लेकिन बाल 1-2 दिन में ही वापस आने लगते हैं। कई बार नए बाल थोड़े मोटे भी महसूस हो सकते हैं।
वैक्सिंग में बालों को जड़ से निकाला जाता है। इसलिए इसका असर ज्यादा लंबे समय तक रहता है, लगभग 3-4 हफ्ते तक। धीरे-धीरे इससे बाल पतले और कम घने भी हो सकते हैं। हालांकि शुरुआत में थोड़ा दर्द और लालिमा हो सकती है।
शेविंग आमतौर पर दर्द रहित होती है, लेकिन इससे रेजर बर्न, कट या खुजली हो सकती है। वहीं वैक्सिंग में शुरुआत में हल्की असहजता होती है, लेकिन बाद में स्किन ज्यादा स्मूद और साफ लगती है।
दोनों तरीकों में इन्ग्रोउन हेयर हो सकते हैं, लेकिन ये समस्या शेविंग में ज्यादा देखने को मिलती है। सही एक्सफोलिएशन और साफ रेजर का इस्तेमाल इस समस्या को कम कर सकता है।
डर्मेटोलॉजिस्ट के अनुसार, जिनकी स्किन सेंसिटिव है या जो जल्दी रिजल्ट चाहते हैं उनके लिए शेविंग बेहतर है। वहीं लंबे समय तक स्मूद स्किन चाहने वालों के लिए वैक्सिंग एक अच्छा विकल्प है।
चाहे आप कोई भी तरीका अपनाएं, बाद में स्किन को मॉइस्चराइज करना और हल्के प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है, ताकि स्किन हेल्दी और सॉफ्ट बनी रहे।