Assembly Elections 2023 : 5 राज्यों में इस बार महिला वोटर्स 82 लाख ज्यादा, नतीजों पर असर डाल सकती हैं 'साइलेंट वोटर्स'

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम के विधानसभा चुनावों के नतीजों में 'साइलेंट वोटर्स' माने जाने वाली महिलाओं की बड़ी भूमिका रहने की उम्मीद है। इन पांच राज्यों में 2018 से अब तक मतदाताओं की संख्या 1.6 करोड़ बढ़ी है। इनमें से कम से कम 82.5 लाख महिलाएं हैं

अपडेटेड Oct 14, 2023 पर 4:51 PM
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मतदान में महिलाओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। अगर महिला मतदाताओं का सपोर्ट राजनीतिक दल को मिल जाए तो उसके लिए चुनाव जीतना आसान हो जाता है। बिहार इसका उदाहरण हैं। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। इसमें महिला मतदाताओं की बड़ी भूमिका है।

अगले महीने पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव (State Elections) होने जा रहे हैं। इनमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, तेलंगाना और मिजोरम शामिल हैं। इन चुनावों के नतीजों में 'साइलेंट वोटर्स' माने जाने वाली महिलाओं की बड़ी भूमिका रहने की उम्मीद है। इन पांच राज्यों में 2018 से अब तक मतदाताओं की संख्या 1.6 करोड़ बढ़ी है। इनमें से कम से कम 82.5 लाख महिलाएं हैं और 72.3 लाख पुरुष हैं। इन राज्यों के चुनावों में कम से कम 16 करोड़ मतदाताओं के वोट डालने की उम्मीद है। इनमें से 8.2 करोड़ यानी आधे से ज्यादा पुरुष हैं। महिला मतदाताओं की संख्या 7.8 करोड़ है। मिजोरम और छत्तीसगढ़ ऐसे दो राज्य हैं, जहां महिला मतदाताओं की संख्या पुरुष मतदाताओं से ज्यादा है। तेलंगाना में दोनों तरह के मतदाताओं की संख्या करीब-करीब बराबर है। बाकी दो राज्यों में पुरुष मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। साल दर साल मतदान में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ रही है। साइलेंट वोटर्स की जगह उनकी पहचान अब एक्टिव वोटर्स की बनने लगी है।

तेलंगाना में इलेक्टोरल जेंडर रेशियो सबसे ज्यादा

तेलंगाना में इलेक्टोरल जेंडर रेशियो 998 है। यह 2018 में 982 था। राज्य में कुल 3.17 करोड़ वोटर्स हैं। इनमें पुरुषों की संख्या करीब 1.58 करोड़ है। करीब इतनी ही संख्या महिला मतदाताओं की है। इस बार कम से कम 66 ऐसी सीटें हैं, जहां इलेक्टोरल जेंडर रेशियो 1,000 से ज्यादा है। 2018 के विधानसभा चुनावों में 18,660 पोलिंग स्टेशंस पर महिलाओं ने पुरुषों से ज्यादा मतदान किए थे। 2018 से वोटर्स की संख्या 37 लाख बढ़ी है, जिनमें 18 लाख महिलाएं हैं और 17 लाख पुरुष हैं।


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राजस्थान में इलेक्टोरल रेशियों में मामूली बढ़त

राजस्थान में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं के मुकाबले ज्यादा है। कुल 5.25 करोड़ वोटर्स हैं। इनमें 2.73 करोड़ पुरुष मतदाता हैं। 2.51 करोड़ महिला मतदाता हैं। इस बार मतदाताओं की लिस्ट में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के ज्यादा नाम जुड़े हैं। 2018 में राज्य में इलेक्टोरल जेंडर रेशियो 914 था। यह इस बार बढ़कर 920 हो गया है। पिछले विधानसभा चुनावों में कम से कम 95 सीटों के 24,660 पोलिंग स्टेशंस पर मतदान करने में महिलाएं पुरुषों से आगे थीं। 2018 के विधानसभा चुनावों में मतदान का प्रतिशत 74.21 फीसदी था। इसमें महिलाओं का मतदान प्रतिशन 74.66 फीसदी था, जबकि पुरुषों का 73.80 फीसदी था।

एमपी में मतदाओं की संख्या 55 लाख बढ़ी

मध्य प्रदेश में 2018 से मतदाताओं की संख्या 55 लाख बढ़ी है। इसमें 31 लाख महिलाएं हैं। राज्य में इलोक्टोरल जेंडर रेशियो बढ़कर 936 हो गया है। 2018 में यह 917 था। कम से कम 108 ऐसी सीटें हैं, जिनमें जेंडर रेशियो 936 से ज्यादा है। 2018 के विधानसभा चुनावों में कम से कम 178 सीटों में महिलाओं ने पुरुषों के मुकाबले ज्यादा मतदान किए थे। अंतिम विधानसभा चुनावों में महिलाओं के बीच मतदान का प्रतिशन 74.03 फीसदी था। कुल मतदान प्रतिशत 75.05 फीसदी था। इस बार राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 5.6 करोड़ है। इनमें 2.72 करोड़ महिलाएं और 2.88 करोड़ पुरुष हैं।

चुनावी नतीजों पर बढ़ रहा महिलाओं का असर

मतदान में महिलाओं की सक्रियता लगातार बढ़ रही है। अगर महिला मतदाताओं का सपोर्ट राजनीतिक दल को मिल जाए तो उसके लिए चुनाव जीतना आसान हो जाता है। बिहार इसका उदाहरण हैं। राज्य के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार लंबे समय से बिहार के मुख्यमंत्री हैं। इसमें महिला मतदाताओं की बड़ी भूमिका है। उन्होंने महिलाओं और लड़कियों के लिए कई खास स्कीमें शुरू की हैं। बताया जाता है कि पिछले दो दशकों में हुए राज्य के विधानसभा चुनावों में उन्हें लगातार महिलाओं का सपोर्ट मिलता रहा है।

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